Coronavirus: : देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. झारखंड में भी 25 मई को रांची में कोविड-19 का पहला कन्फर्म केस मिलने के बाद से अब तक कुल 25 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हो चुकी है, जिसमें सबसे अधिक 23 संक्रमित रांची के हैं.
धनबाद और जमशेदपुर (ईस्ट सिंहभूम) से एक-एक कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि हुई है. झारखंड के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ प्रवीण कर्ण ने बताया कि 2025 में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है.
वहीं, 12 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कोरोना संक्रमण के 12 एक्टिव मामले हैं. उन्होंने बताया कि पहले से ही स्वास्थ्य मुख्यालय से सभी जिलों के डीसी और सिविल सर्जन को भेजे गए दिशा निर्देश का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
डॉक्टर का कहना है कि अभी राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति भले ही अलार्मिंग नहीं है, लेकिन हमें संक्रमण की रोकथाम के लिए चौकस और गंभीर रहने की जरूरत है.
राजधानी रांची के सदर अस्पताल में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड में सभी जरूरी सुविधाओं के साथ 30 बेड रिजर्व रखा गया है. आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तरह की जरूरी दवाईयां और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ तैयारियों को लेकर डेमो भी कर लिया गया है.
राज्य और खासकर राजधानी रांची में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले से लगातार चिंता बनी हुई है. विशेषज्ञ बताते हैं कि हर बार की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम इसके संक्रमण को न बढ़ने दें.
इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस और अन्य लक्षण उभरने पर खुद को आइसोलेट कर लें. ज्यादा तबीयत खराब होने पर बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर्स की सलाह लें. विशेषज्ञों ने सलाह दी कि ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाके में जरूरी न हो तो नहीं जाएं. अगर जाना है तो मास्क जरूर पहनें और अपने हाथों को सेनेटाइज करते रहें. अस्पताल जाते समय मास्क जरूर पहने.
ये है कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जरूरी गाइडलाइंस..
- मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग करें सुनिश्चित: इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (ILI) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) के मरीजों के मामले में कोरोना जांच अवश्य कराई जाए और ऐसे मरीजों की रिपोर्टिंग सभी अस्पताल जरूर करें.
- सर्विलांस और टेस्टिंग बढ़ाई जाए: सभी जिलों के डीसी और सिविल सर्जन को कोरोना गाइडलाइंस के अनुसार सर्विलांस और टेस्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है.
- ACS हेल्थ ने ILI के मामलों में 05% टेस्ट और SARI के मामले में 100% मरीजों की कोरोना जांच करने को कहा गया.
- एक्यूट रेस्पिरेटरी के लक्षण वाले मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखने और सांस लेने में परेशानी, छाती में दर्द या स्वास्थ्य बिगड़ने पर तत्काल सभी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है.
- Covid-19 पॉजिटिव मरीजों के सैम्पल whole Genome Sequencing (WGS) के लिए रिम्स भेजा जा सकता है. ताकि यदि कोई नया वैरियंट है तो उसकी पहचान हो सके.
- अस्पताल में मास्क पहनने की अनिवार्यता, अस्पतालों में IEC एक्टिविटी, अस्पताल में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की सभी तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
- दवा, टेस्टिंग किट, VTM किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अस्पताल में ऑक्सीजन की उपब्धता सुनिश्चित करने के लिए PSA प्लांट्स, LMO प्लांट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर को जांच लेने को कहा गया है.
