Narendra Modi Croatia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव क्रोएशिया के जगरेब पहुंचे। यहां मंत्रों का उच्चारण कर उनका स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की।
नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए क्रोएशिया के कुछ लोग खास तैयारी से आए थे। इन लोगों ने पीएम मोदी के पास आने पर हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का उच्चारण किया। मोदी यह देखकर आश्चर्य में पड़ गए। उनके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आ गई। उन्होंने भी हाथ जोड़ लिया और साथ में मंत्र का उच्चारण करने लगे। कथक कलाकारों ने भारत के शास्त्रीय नृत्य की लयबद्ध ताल के साथ PM मोदी के सामने प्रस्तुति दी।
क्रोएशियाई कथक नृत्यांगना और शिक्षिका, एना ने कहा, “मैंने भारत में कथक नृत्य का अध्ययन किया। मैंने यहां एक स्कूल खोला और ये मेरे छात्र हैं। यह एक बड़ा सम्मान है क्योंकि हम PM मोदी के सामने प्रदर्शन करेंगे। हमें भारतीय संस्कृति बहुत पसंद है।”
कनाडा की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद, जहां उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, PM मोदी जगरेब पहुंचे। PM मोदी ने X पर लिखा, “कुछ देर पहले, क्रोएशिया के जागरेब पहुंचा। यह एक खास दौरा है, किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा एक महत्वपूर्ण यूरोपीय साझेदार के यहां। हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के विशेष भाव के लिए मैं प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक का आभारी हूं।”
क्रोएशिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का क्रोएशिया का पहला दौरा है। यह द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस यात्रा से आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रोएशिया दौरे पर भारत और क्रोएशिया के बीच कई समझौते हुए। इसके बाद पीएम मोदी का संबोधन हुआ। इस दौरान उन्होंने स्वागत के लिए क्रोएशिया के पीएम आंद्रेज प्लेंकोविक का आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक धरती पर जिस उत्साह, आत्मीयता, स्नेह के साथ मेरा स्वागत हुआ है उसके लिए मैं प्रधानमंत्री प्लेंकोविक और क्रोएशिया सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। भारत और क्रोएशिया लोकतंत्र, रूल ऑफ लॉ और समानता जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि ये सुखद सहयोग है कि पिछले साल भारत के लोगों ने मुझे और क्रोएशिया के लोगों ने पीएम आंद्रेज को लगातार तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया है। इस जनविश्वास के साथ हमने अपने तीसरे कार्यकाल में अपने द्विपक्षीय संबंधों को तीन गुना गति देने का निर्णय लिया है। रक्षा क्षेत्र में लॉन्ग टर्म सहयोग के लिए एक रक्षा सहयोग प्लान बनाया जाएगा, जिसमें ट्रेनिंग और मिलिट्री एक्सचेंज के साथ-साथ रक्षा उद्योग पर भी ध्यान दिया जाएगा। शिप बिल्डिंग और साइबर सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
‘हम इन 7 क्षेत्रों में सहयोग को देंगे बढ़ावा’
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमारी अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हो सकती हैं। इन क्षेत्रों की पहचान की गई है। हमने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। हमने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और विश्वसनीय सप्लाई चेन तैयार करने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। हम फार्मा, एग्रीकल्चर, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, क्लीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर में सहयोग को बढ़ावा देंगे।
रणभूमि से नहीं निकलता समस्या का समाधान
इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के लिए आतंकवाद बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि हम सहमत हैं कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली शक्तियों का विरोधी है।
22 अप्रैल को भारत में हुए आतंकी हमले पर संवेदनाओं के लिए, हम प्रधानमंत्री प्लेंकोविच और क्रोएशिया सरकार के हार्दिक आभारी हैं। ऐसे कठिन समय में, हमारे मित्र देशों का साथ हमारे लिए बहुत मूल्यवान था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम दोनों इस बात का समर्थन करते हैं कि यूरोप हो या एशिया, समस्याओं का समाधान रणभूमि से नहीं निकल सकता। डायलॉग और डिप्लोमेसी ही एकमात्र रास्ता है। किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है।
