ध्रुव गुप्त
आईपीएस पटना
Sawan 2025 : सावन की शुरुआत होने वाली है। हमारे देश और दुनिया का मौसम अभी जितनी अनिश्चितताओं से भरा हो, बारिशों का मौसम अपने शबाब पर है। सावन में पृथ्वी, सूरज और बादल मिलकर हरियाली, जीवन, सौंदर्य के नए-नए तिलिस्म रचेंगे। सावन की झोली में सबके लिए कुछ न कुछ होता है। कृषकों के लिए यह धरती की गोद में फसल के साथ सपने बोने का महीना है। प्रेमियों के लिए यह बसंत के बाद प्रेम के लिए दूसरा सबसे अनुकूल मौसम है। साहित्य हमेशा से सावन में प्रेमियों के मिलन के सुख से उजला और विरह की व्यथा से गीला होता ही रहा है। बच्चों के लिए ये उमंग, उल्लास, बारिश में नहाने और कागज की नाव चलाने के दिन हैं। लड़कियों के लिए झूले में बैठकर आकाश नापने का मौका। बुजुर्गों के लिए बिस्तर पर लेटे-लेटे चाय की चुस्कियों के साथ अतीत की यादों में डूब जाने का समय। धर्मप्रवण लोगों के लिए सावन भगवान शिव का महीना है। उनकी आराधना का महापर्व। जिनके लिए बारिश जल जमाव, बाढ़, भूस्खलन, बीमारियों और आफ़त का सबब है उनके लिए यह ठहरकर सोचने का मौक़ा कि विकास के नाम पर प्रकृति की सहज यात्रा में व्यवधान पैदा कर उन्होंने आखिर क्या हासिल किया है ?
