Sawan 2025: इस मंत्र का जाप करने से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल!

Sanat Kumar Dwivedi
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Sawan 2025: सावन और शिव मानों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. शिव के बिना सावन के कल्पना नहीं की जा सकती. सावन के महीने में शिव की भक्ति का महत्व सनातन में बहुत अधिक बताया गया है. यह वह अवसर है जब शिव को प्रसन्न करके अपनी मनोकामना मांग सकते हैं.

सावन के महीने में शिव के कई धामों की यात्राएं की जाती हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो अपने स्वास्थ्य कारणों या कई अन्य वजहों से धार्मिक यात्राओं पर नहीं निकाल पाते लेकिन उन्हें दिल छोटा करने की बिलकुल जरुरत नहीं. सनातन में हर चीज का उपाय मौजूद है. शास्त्रों के अनुसार एक मंत्र है जिसका जाप करने से आपको 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शनों का फल मिलता हैं तो चलिए जानते हैं कि कौन सा है वह मंत्र.

इस मंत्र का करें जाप

उज्जयिन्यां महाकालं ओंकारंममलेश्वरम्॥

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।

हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥

मान्यता है कि इन 12 ज्योतिर्लिंग में शिव के ज्योति रूप में प्रकट हुए हैं. जहां शिव को स्वयं वास करते हैं. यहां के शिवलिंग को स्वंयभू हैं. ये द्वादश ज्योतिर्लिंग सौराष्ट्र में सोमनाथ, श्रीशैल स्थित मल्लिकार्जुन, उज्जैन स्थित महाकाल,ओंकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, घृष्णेश्वर, त्र्यम्बकेश्वर,काशी विश्वनाथ और केदारनाथ हैं. अगर आप इन 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम का जाप भी करते हैं, तो आप सभी पापों से छूट जाते हैं.
मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करता है, उसके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, और उसे शिवलोक में स्थान प्राप्त होता है.

यह मंत्र भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के नामों का उल्लेख करता है, जो इस प्रकार हैं…

सोमनाथ: गुजरात के सौराष्ट्र में
मल्लिकार्जुन: श्रीशैल में
महाकालेश्वर: उज्जैन में
ओंकारेश्वर: ममलेश्वर में
वैद्यनाथ: परली में
भीमशंकर: डाकिनी में
रामेश्वर: सेतुबंध में
नागेश्वर: दारुकावन में
विश्वनाथ: वाराणसी में
त्र्यंबकेश्वर: गौतमी के तट पर
केदारनाथ: हिमालय में
घृष्णेश्वर: शिवालय में

इस मंत्र का कैसे करें जप

इस मंत्र को आप सुबह के समय या शाम के समय कभी भी दीपक जलाकर जप सकते हैं.

आप इस मंत्र का जाप 11,21, 31, 51 या 108 बार कर सकते हैं. अगर आप इसका जाप प्रतिदिन सुबह एक बार भी कर लेंगे तो भी आपको इसका फल अवश्य प्राप्त होता है.

याद रहे इसका जप सुबह नहा धोकर या साफ वातावरण में ही करना है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बिंदास बोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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