India growth forecast : ट्रंप का टैरिफ का असर नहीं, विकास की रफ्तार पर सवार भारत, IMF से आई अच्छी खबर

Bindash Bol

India growth forecast : अमेरिका की ओर से भारत पर लगाया गया टैरिफ बेअसर दिखाई दे रहा है. इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने फिस्कल ईयर 2025-26 के लिए भारत की ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी की है. IMF भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.2 प्रतिशत बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. IMF का मानना है कि भारत की मजबूत विकास रफ्तार, अमेरिकी आयात पर लगे ऊंचे टैरिफ के असर को संतुलित कर देगी.

अप्रैल-जून तिमाही में भारत का GDP 7.8% की उम्मीद से ज्यादा तेजी से बढ़ी. इसका कारण रहा मजबूत घरेलू उपभोग, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहा. भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाने से निर्यात पर असर पड़ा हो.

इस वजह से बढ़ा ग्रोथ का अनुमान

IMF ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा कि 2025-26 के लिए भारत की वृद्धि दर में यह बढ़ोतरी पहली तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के कारण है, जिसने जुलाई से अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के असर को भी संतुलित कर दिया. भारत का वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च तक चलता है. हालांकि, IMF ने अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान 0.2 प्रतिशत अंक घटाकर 6.2% कर दिया है. यह रिपोर्ट अमेरिका में जारी की गई.

अगले साल घट सकती है ग्रोथ

IMF का यह अपग्रेड विश्व बैंक के अनुमानों के बाद आया है. पिछले हफ्ते, विश्व बैंक ने भी भारत की 2025-26 की वृद्धि दर 6.3% से बढ़ाकर 6.5% कर दी थी, लेकिन अगले वित्त वर्ष का अनुमान 6.5% से घटाकर 6.3% कर दिया, इसका कारण भी अमेरिकी शुल्क बताया गया. IMF ने अनुमान लगाया है कि उभरते बाजारों और विकासशील देशों की औसत वृद्धि दर 2024 में 4.3% से घटकर 2025 में 4.2% और 2026 में 4% रह जाएगी.

टैरिफ से मांग पर असर

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन से आगे, कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने घरेलू कारणों से मजबूती दिखाई है, लेकिन हाल के संकेत बताते हैं कि उनका भविष्य भी कुछ नाजुक दिख रहा है. अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से बाहरी मांग पर असर पड़ा है और व्यापार नीति की अनिश्चितता की वजह से निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में निवेश की रफ्तार धीमी हो रही है.

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