Bangladesh Violence:हिंदुओं का खून सस्ता क्यों? 14 दिन में 3 हत्याएं, जिंदा जलाने की कोशिश

Bindash Bol
  • बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक पर हमला, खोकन दास को किया आग के हवाले

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. यहां एक और हिंदू युवक पर जानलेवा हमला किया गया है. शरियतपुर के तिलोई में कट्टरपंथियों की भीड़ ने खोकन दास पर धारधार हथियार से हमला किया. हमला करने के बाद युवक के शरीर में आग लगाने की कोशिश की. दो दिन पहले मयम सिंह जिले में 40 साल के बिजेंद्र बिश्वास की हत्या कर दी गई थी.

इससे पहले दीपू दास और अमृत मंडल को मार दिया गया था. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है. पिछले कुछ दिनों में कई हिंदुओं की हत्या की गई है. छात्र नेता उस्मान शरीफ हादी की मौत के बाद से ही देश में हंगामा बवाल मचा हुआ है. कई जिलों में हिंदू घरों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं.

18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या की गई थी. मयम सिंह जिले के भालुका इलाके में कट्टरपंथियों की भीड़ ने भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था. वहीं, इसके छह दिन बाद 24 दिसंबर को अमृत मंडल की हत्या कर दी गई. चटगांव के राउजान में कई हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई. इस मामले में पुलिस ने अब तक कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है.

मयम सिंह जिले में हिंदू की आबादी घटी

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2024 में अंतरिम सरकार के आने के बाद से अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2900 से अधिक हिंसक घटनाएं हुई हैं. मानवाधिकार संगठनों (HRCBM) की रिपोर्ट के मुताबिक, जून से दिसंबर 2025 के बीच हिंदुओं के खिलाफ 71 ईश-निंदा से जुड़े मामले दर्ज किए गए. मयम सिंह जैसे जिलों में जहां कभी हिंदुओं की आबादी 78 फीसदी थी, अब वह घटकर मात्र 9% रह गई है.

इस साल हिंसा में 184 की मौत

बांग्लादेश में हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने लोगों को डरा दिया है. 12 दिसंबर को ढाका में ‘इंकलाब मंच’ के नेता शरीफ उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी, जिनकी सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई. हादी पर हमले की शाम ही गुस्साई भीड़ ने मशहूर अखबारों ‘डेली स्टार’ और ‘प्रथम आलो’ के दफ्तरों में आग लगा दी.

मोहम्मद यूनुस के कार्यालय ने बयान दिया है कि किसी भी अफवाह या आरोप के आधार पर हिंसा करना गलत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, मानवाधिकार संगठन ‘ऐन ओ सलीश केंद्र’ के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में अब तक बांग्लादेश में हुई हिंसा में 184 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

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