Mamata Banerjee : बंगाल चुनाव से पहले  ममता बनर्जी ने छोड़े 23 पद

Bindash Bol

* ममता बनर्जी 23 पदों से अचानक दिया इस्तीफा, जानें ऐसा क्या हुआ

Mamata Banerjee : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए अब एक महीने से भी कम का समय बचा है. ऐसे में सत्तापक्ष टीएमसी हो या फिर विपक्ष की बीजेपी, सभी अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में प्रचार में जुटे हुए हैं. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम कदम उठाते हुए 23 सरकारी पदों और समितियों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से इन पदों से इस्तीफा सौंपा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र में यह जानकारी दी गई है.

23 मार्च को मुख्य सचिव को लिखा इस्तीफा पत्र

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 23 मार्च 2026 को मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर विभिन्न विभागों और संस्थाओं में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. इसमें वे पद शामिल हैं जो वे मुख्यमंत्री के रूप में संभाल रही थीं. उन्होंने उन पदों से भी इस्तीफा देने का अनुरोध किया है जो सूची में नहीं हैं.

24 मार्च को विभागों को भेजी गई आधिकारिक सूचना

24 मार्च 2026 को गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को इसकी सूचना दी. पत्र में कहा गया है कि ममता बनर्जी ने तत्काल प्रभाव से इन पदों से इस्तीफा दे दिया है। विभागों से अनुरोध किया गया है कि इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए. सरकारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित पदों और संस्थाओं (जिनमें वे अध्यक्ष या सदस्य हैं) से इस्तीफा स्वीकार किया जाए. साथ ही, 25 मार्च 2026 को दोपहर 4 बजे तक स्वीकार किए गए इस्तीफों की अनुपालन रिपोर्ट गृह विभाग को ई-मेल से भेजी जाए. ममता बनर्जी के इस्तीफे का पत्र काफी संक्षिप्त है. इसमें लिखा है, ‘मैं तत्काल प्रभाव से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रही हूं. इन पदों को स्वीकार करने की आवश्यक कार्रवाई की जाए.

चुनाव नियमों की नैतिकता से जुड़ा फैसला

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम चुनाव आयोग के नियमों का पालन करने के लिए उठाया गया है. चुनाव से पहले ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ वाली स्थिति से बचने और नैतिकता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने ये इस्तीफे दिए हैं. हालांकि, ममता बनर्जी अभी भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी हुई हैं और वे
अपने मंत्रिमंडल के प्रमुख पदों पर कायम हैं। केवल अतिरिक्त समितियों और बोर्डों से उन्होंने इस्तीफा दिया है.

बताते चलें कि चुनाव से ठीक पहले लिया गया यह फैसला साफ संकेत देता है कि ममता बनर्जी नैतिकता और नियमों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं. अब देखना होगा कि इस कदम का चुनावी मैदान में क्या असर पड़ता है और जनता इसे किस नजर से देखती है.

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