Hemant Soren : झारखंड स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली नई ताकत.. CM हेमंत सोरेन ने 262 चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, ईमानदारी से सेवा देने का दिया संदेश

Bindash Bol

Hemant Soren :  झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को 262 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय स्थित प्रोजेक्ट भवन के सभागार में आयोजित समारोह में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उन्हें जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

नियुक्ति पाने वालों में 56 फूड सेफ्टी ऑफिसर, 151 विशेषज्ञ चिकित्सक, 29 सीनियर हॉस्पिटल मैनेजर और 26 फाइनेंस मैनेजर शामिल हैं। इनमें फूड सेफ्टी ऑफिसरों की नियुक्ति जेपीएससी के माध्यम से स्थायी आधार पर हुई है, जबकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की गई है।

‘जनता के पैसे से मिलता है वेतन, जिम्मेदारी से करें काम’ : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्र वितरण के बाद कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था को बेहतर बनाने में हॉस्पिटल मैनेजर और फाइनेंस मैनेजर की भूमिका डॉक्टरों जितनी ही अहम है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह हमेशा याद रखिए कि हमें जो वेतन मिलता है, वह आम जनता के टैक्स का पैसा है। इसलिए जिस जिम्मेदारी के लिए नियुक्ति हुई है, उसका पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि समेत विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां कर रही है। लोगों की उम्मीदें स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़ी होती हैं, इसलिए नई टीम को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना होगा।

सीमित संसाधनों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने में समय लगेगा, लेकिन उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों और चिकित्सकों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया।

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सरकार अपने बजट का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा वेतन मद में खर्च करती है, इसलिए कर्मचारियों को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही समझनी चाहिए।

‘स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह सशक्त होने तक चैन से नहीं बैठेंगे’ : इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में वर्षों से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों को आकर्षित करने के लिए अभिनव फाइनेंशियल बिडिंग मॉडल अपनाया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से विशेषज्ञ चिकित्सक झारखंड में सेवा देने के लिए आगे आए हैं। वहीं, 56 फूड सेफ्टी ऑफिसरों की नियुक्ति से खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और अस्पताल प्रबंधन में भी सुधार होगा।

13 हजार नई नियुक्तियों की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग में जल्द ही लगभग 13 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके तहत जेपीएससी के माध्यम से 1200 डॉक्टरों और जेएसएससी के जरिए 7500 एएनएम-जीएनएम कर्मियों की भर्ती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य में एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही RIMS-2 की स्थापना, 4000 हेल्थ सब-सेंटर, 303 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को सुदृढ़ करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। 108 एंबुलेंस सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए नया एसओपी भी तैयार किया जाएगा।

पिछले दो वर्षों में 1373 नियुक्तियां

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1042 और वर्ष 2025-26 में अब तक 331 नियुक्तियां की जा चुकी हैं। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उपचार और अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों को अनटाइड फंड के तहत जिला अस्पतालों को 75 लाख, अनुमंडलीय अस्पतालों को 50 लाख, सीएचसी को 25 लाख और पीएचसी को 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दूरदराज क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों और कर्मियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

भावुक हुए अभ्यर्थी, वर्षों का इंतजार हुआ खत्म

नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर बेहद भावुक रहा। जमशेदपुर के भोलाशंकर, जिन्हें फूड सेफ्टी ऑफिसर के रूप में नियुक्ति मिली, ने बताया कि वर्ष 2016 में शुरू हुई चयन प्रक्रिया आज पूरी हुई है और इसके लिए उन्हें सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।

वहीं, गढ़वा सदर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त दिव्यांग डॉक्टर अंजनी बारा नियुक्ति पत्र प्राप्त करते समय भावुक हो गईं। बिहार से झारखंड सेवा के लिए आईं डॉक्टर नैना ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।

राज्य सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य और मजबूत होगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment