By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Bindash Bol
  • Home
  • Bharat
  • Sports
  • Religion
  • Entertainment
  • Health
  • State
  • Technology
  • Road Safety
Font ResizerAa
Bindash BolBindash Bol
  • Home
  • Bharat
  • Sports
  • Religion
  • Entertainment
  • Health
  • State
  • Technology
  • Road Safety
Search
  • Home
  • Bharat
  • Sports
  • Religion
  • Entertainment
  • Health
  • State
  • Technology
  • Road Safety

Top Stories

Explore the latest updated news!

CJP FIR: 12 साल की बच्ची बनी CJP के लिए नई मुसीबत? POCSO तक पहुंचा मामला, सौरव दास-अभिजीत दीपके पर Zero FIR की मांग!

Vehicle Insurance : बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, ‘No Insurance, No Fuel’ नियम की तैयारी

Jharkhand Student Protest : झारखंड में ‘सेटिंग’ बनाम ‘छात्र’… JPSC-JSSC धांधली पर 10 बड़े खुलासे

Stay Connected

Find us on socials
248.1k Followers Like
61.1k Followers Follow
165k Subscribers Subscribe
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress
Bharat

Indias Current Account Surplus : भारत की सधी हुई चाल, अमेरिका चीन बेहाल

Siddarth Saurabh
Last updated: June 28, 2025 10:38 am
By Siddarth Saurabh
Share
SHARE

Indias Current Account Surplus : देश के लोगों के लिए एक गुड न्यूज़ है। आपको याद होगा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान किया था, तब उन्होंने भारत को टैरिफ किंग कहकर संबोधित किया था और भारत के एक्सपोर्ट को बड़ा डेंट पहुंचाने की कोशिश की थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सारे मोहरे भारत के सामने पिटते हुए दिखाई दिए। इसका सबसे बड़ा सुबूत है भारत का करंट अकाउंट सरप्लस। जिसका आंकड़ा देखकर न्यूयॉर्क से लेकर शंघाई तक सब हैरान हैं। भारत का कंरट अकाउंट सरप्लस में आना इस बात का संकेत है कि भारत के एक्सपोर्ट में इजाफा हुआ है और इंपोर्ट में गिरावट देखने को मिला है।

जिसकी वजह से पड़ोसी देश चीन की भी बेचैनी काफी बढ़ गई है। ये बेचैनी इस वजह से है कि भारत अब दुनिया के तमाम देशों को अपना एक्सपोर्ट बढ़ा रहा है। साथ ही दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपनी फैक्ट्री लगा रही हैं। जो शतरंज की चाल कभी चीन चल रहा था, अब उसी चाल से भारत ‘ड्रैगन’ को मात देने की कोशिश कर रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत के करंट अकाउंट सरप्लस को लेकर किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं।

13.5 अरब डॉलर का सरप्लस


भारत ने जनवरी-मार्च तिमाही में 13.5 अरब डॉलर का करंट अकाउंट सरप्लस दर्ज किया जो जीडीपी का 1.3 प्रतिशत है। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4.6 अरब डॉलर था। इसका मतलब है कि एक साल में इसमें 3 गुना का इजाफा देखने को मिल चुका है। देश के सेंट्रल बैंक आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की मार्च तिमाही में करंट अकाउंट बढ़ने की मुख्य वजह सर्विसेज के एक्सपोर्ट में वृद्धि और विदेश से भेजे जाने वाले धन में बढ़ोतरी रही। हालांकि सालाना आधार पर देश का करंट अकाउंट 2024-25 के दौरान 23.3 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.6 प्रतिशत) घाटे में रहा। किसी देश के चालू खाते से यह पता चलता है कि संबंधित देश को निर्यात से कितनी आय हुई और उसने आयात पर कितना खर्च किया। इसके अलावा निवेश से आय और धनप्रेषण से जुड़े लेन-देन भी इसमें शामिल होते हैं।

चालू खाता अधिशेष का क्या मतलब है?

चालू खाता किसी देश के अंतरराष्ट्रीय लेनदेन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो भुगतान संतुलन का एक कम्पोनेंट है। यह मुख्य रूप से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश आय (जैसे ब्याज और डिविडेंड) और एकतरफा ट्रांसफर (जैसे विदेशी सहायता और रेमिटेंस) को रिकॉर्ड करता है। चालू खाता अधिशेष का मतलब है कि देश ने विदेश से जितनी वस्तुएं और सेवाएं खरीदी हैं, उससे कहीं ज्यादा वस्तुएं और सेवाएं बेची हैं।
देश को विदेश से प्राप्त होने वाली निवेश आय (जैसे विदेशी कंपनियों में भारतीय निवेश से लाभांश) का मूल्य विदेश को किए गए निवेश आय भुगतान (जैसे भारत में विदेशी निवेश पर लाभांश) से ज्यादा है।

क्या चीन की राह पर चल पड़ा है भारत?

चीन का चालू खाता आमतौर पर बड़े सरप्लस में रहता है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। उसकी अर्थव्यवस्था निर्यात पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है। चीन बड़ी मात्रा में निर्मित वस्तुओं का निर्यात करता है। बड़े चालू खाता अधिशेष से चीन के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे उसे वैश्विक वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने में मदद मिली है। हालांकि, कुछ देश इसे अनुचित व्यापार प्रथाओं और वैश्विक असंतुलन का कारण भी मानते हैं। भारत का चालू खाता सरप्लस में रहना शुरुआती ट्रेंड है। इसे मेनटेन करने के लिए आगे काफी मेहनत करनी होगी।

अमेरिका की स्थिति क्या है?

अमेरिका का चालू खाता आमतौर पर घाटे में रहता है। इसका मतलब है कि अमेरिका जितना निर्यात करता है, उससे कहीं अधिक वस्तुओं और सेवाओं का आयात करता है। अमेरिका एक उपभोग-उन्मुख अर्थव्यवस्था है। उसकी घरेलू मांग अक्सर उसके घरेलू उत्पादन से ज्यादा होती है, जिससे आयात बढ़ जाते हैं।

क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ‘चौथी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन में घटनाक्रम’ नाम की रिपोर्ट जारी की है। इससे पता चलता है कि भारत का चालू खाता वित्त वर्ष 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही में 13.5 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 फीसदी) के सरप्लस में रहा। इसका असर वार्षिक आंकड़ों पर भी पड़ा है। सालाना आधार पर देश का चालू खाता घाटा कम हुआ है। 2024-25 में यह 23.3 अरब डॉलर रहा, जो जीडीपी का 0.6 फीसदी है। जबकि 2023-24 में यह 26 अरब डॉलर था, जो जीडीपी का 0.7 फीसदी था।

TAGGED:Current Account DeficitIndias Current Account Surplus
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link Print
Previous Article Shefali Jariwala death : कांटा लगा फेम शेफाली जरीवाला का निधन,हार्ट अटैक या कुछ और?
Next Article Current Account : भारत के चालू खाते में ऐतिहासिक सुधार : आइये समझें सरल भाषा में!
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CJP FIR: 12 साल की बच्ची बनी CJP के लिए नई मुसीबत? POCSO तक पहुंचा मामला, सौरव दास-अभिजीत दीपके पर Zero FIR की मांग!
August 5, 2026
Vehicle Insurance : बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, ‘No Insurance, No Fuel’ नियम की तैयारी
August 5, 2026
Jharkhand Student Protest : झारखंड में ‘सेटिंग’ बनाम ‘छात्र’… JPSC-JSSC धांधली पर 10 बड़े खुलासे
August 5, 2026
Jharkhand Student Protest : बारिश, संयम और क्रांति: जंतर-मंतर के शोर से अलग रांची में सुलग रही छात्रों की ‘मर्यादित’ आग
August 5, 2026
Jharkhand Exam Scam :  ‘मुन्नाभाई’ नहीं, यह था सिस्टम का ‘सुपरमैन’! एक साथ 2 सरकारी-प्राइवेट नौकरियां और 13 साल में 12 टॉपर रैंक… जानिए अभय तिवारी के ‘डबल रोल’ की पूरी इनसाइड स्टोरी
August 5, 2026
Bharat

CJP FIR: 12 साल की बच्ची बनी CJP के लिए नई मुसीबत? POCSO तक पहुंचा मामला, सौरव दास-अभिजीत दीपके पर Zero FIR की मांग!

August 5, 2026
BharatRoad Safety

Vehicle Insurance : बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, ‘No Insurance, No Fuel’ नियम की तैयारी

August 5, 2026
State

Jharkhand Student Protest : झारखंड में ‘सेटिंग’ बनाम ‘छात्र’… JPSC-JSSC धांधली पर 10 बड़े खुलासे

August 5, 2026
State

Jharkhand Student Protest : बारिश, संयम और क्रांति: जंतर-मंतर के शोर से अलग रांची में सुलग रही छात्रों की ‘मर्यादित’ आग

August 5, 2026
Facebook Twitter Youtube Instagram
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer

Copyright © 2026 BB NEWS

Welcome Back!

Sign in to your account