Mamata Banerjee : विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस के टूटने, पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने और चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी हैं. उन्होंने शनिवार को फेसबुक लाइव में ऐलान किया कि वह अब खुद प्रदेश तृणमूल कांग्रेस की अब कमान संभालेंगी और वह अध्यक्ष रहेंगी. उन्होंने कहा कि सुब्रत बख्शी बीमार हैं, इसलिए अब प्रदेश अध्यक्ष की कमान वह खुद संभाल रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने विधायक कुणाल घोष और पूर्व मंत्री मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव बनाने का ऐलान किया.
कौन असली TMC के विवाद पर ममता बनर्जी नेकहा कि आप क्या सोचते हैं? क्या मैं मर गयी हूं? हम जानते हैं कि प्रतीक चिन्ह आपके पक्ष में नहीं जायेंगे, लेकिन अगर मान लिया जाए कि वनीश कुमार बाबू सिंबल दे भी दें तो क्या फर्क पड़ता है? लेकिन जब मैं इस प्रतीक चिन्ह को गले में लटकाकर लोगों के पास जाऊंगी तो क्या आप मेरी आवाज रोक पाएंगे?
शहीद सभा होकर रहेगी… ममता
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस की शहीद सभा होगी. एक रिक्शे पर से सभा होगी, लेकिन होगी. पुलिस से अनुमति मांगी गयी है, लेकिन पुलिस ने अगस्त तक कोलकाता में रैली करने की इजाजत नहीं दे रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या कोलकाता में अगस्त तक धारा 144 लगा हुआ है.
ममता बनर्जी ने बागियों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग मेरे हस्ताक्षर वाले तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जीते, वे कह रहे हैं कि 2023 के बाद इस पार्टी का अस्तित्व नहीं है. हमें 2027 में फिर से चुनाव कराने हैं, यदि हां, तो 2026 में आपका प्रदर्शन कैसा रहा? मेरे चुनाव चिन्ह पर मेरे हस्ताक्षर के बाद ही वे चुनाव के लिए खड़े हुए, तब वह उम्मीदवार बने. तभी चुनाव आयोग ने अनुमति दे दी है.
बागियों पर बिफरीं ममता
उन्होंने कहा कि बेईमानी की भी एक सीमा होनी चाहिए. जो पार्टी जन्म देने वाली है उसके साथ बेवफाई कर रही है. अब आप सीधे तौर पर बीजेपी कर रहे हैं. आपमें से जो लोग बेवफा हैं, गद्दार हैं, जो बीजेपी की बातों पर चलते हैं, अगर आपमें हिम्मत है, अगर आपमें भरोसा है, तो जाकर बीजेपी में शामिल हो जाएं.
उन्होंने कहा कि बच्चों को मिड डे मील में अंडा नहीं मिल रहा है. इस बीच आप अंडे फेंक रहे हैं. हम 15 साल तक सत्ता में थे. लेकिन पुलिस की ओर से ऐसा काम कभी नहीं किया गया. आप आईसी, ओसी के साथ ब्लॉक अध्यक्ष का कार्य कर रहे हैं. पुलिस क्यों जाकर कहेगी, मैं गाड़ी लेकर आया हूं, चलो या तो मैंने जो बताया है उसके पास जाओ या हवालात में जाओ. मैं उन लोगों को दोष नहीं देती जो गए हैं. उनके पास परिवार है, धन है, लेकिन याद रखें, मेरा भी परिवार है. मेरा परिवार तृणमूल कांग्रेस की मां-माटी-मानुष का परिवार है.
पार्टी कार्यालय के कब्जे पर कही ये बात
उन्होंने कहा कि जिन्होंने कल तृणमूल भवन पर कब्जा कर लिया था. किसी ने कहा कि किराया नहीं मिल रहा है. आपको बता दें कि किराया अक्टूबर 2027 तक लिया गया था. कोई नहीं कहता कि मैंने हस्ताक्षर किए हैं. यह संगठन की संपत्ति है. यह किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है. यह आम लोगों की संपत्ति है. इस पर कोई भी बलपूर्वक कब्जा नहीं कर सकता. और जो लोग कहते हैं कि उन्हें अपना किराया नहीं मिला है, वे ये चेक देखें. हमारे पास दस्तावेज हैं. हम प्रति माह एक लाख रुपये किराया देते हैं. आज वे केंद्रीय बल के साथ घर पर कब्जा कर रहे हैं. मकानों पर कब्जा किया जा सकता है, लेकिन लोगों के दिलों पर इस तरह कब्ज़ा नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि आज जिस व्यक्ति (चंद्रिमा भट्टाचार्य) ने इस्तीफा दिया, उसने अचानक कोई निर्णय नहीं लिया. यह काफी समय से चल रहा था. क्योंकि उनका बेटा पहले ही उनलोगों के साथ जा चुका है. बता दें कि पार्टी एक या दो लोगों पर निर्भर नहीं है. पार्टी जनता पर, कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है.