Navratri 2026: आज मां कूष्मांडा की पूजा से दूर होंगे सारे संकट, जानें शुभ मुहूर्त, प्रिय भोग और मंत्र

Maneesh Kumar Tiwari

Navratri 2026 : ​शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इन दिनों पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के एक अलग स्वरूप की आराधना की जाती है। इसी क्रम में, आज चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जा रही है। साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हुई है, जिसके अनुसार चौथा दिन बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को है।
​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार और आदिशक्ति माना जाता है। आइए जानते हैं मां कूष्मांडा के स्वरूप, पूजा विधि, प्रिय भोग और मंत्र से जुड़ी खास बातें।

​मां कूष्मांडा का स्वरूप और महत्व

​मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी आठ भुजाएं हैं। उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, जप माला, गदा और चक्र सुशोभित हैं। उनका वाहन सिंह है।

​पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब चारों तरफ अंधकार था और ब्रह्मांड का कोई अस्तित्व नहीं था, तब देवी की मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई थी। ज्योतिषीय मान्यताओं में मां कूष्मांडा को सूर्य ग्रह की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, और उनके भीतर सूर्य के समान तेज और ऊर्जा का वास होता है।

​मां कूष्मांडा की सरल पूजा विधि

* ​स्नान और ध्यान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ कर मां कूष्मांडा का ध्यान करें।

* ​संकल्प और दीप: मां के समक्ष घी का दीपक जलाएं और व्रत या पूजा का संकल्प लें।

* ​लाल फूल अर्पित करें: देवी को लाल रंग के फूल बेहद प्रिय हैं, इसलिए पूजा में लाल फूल अवश्य शामिल करें।

* ​सात्विक भोग: मां को फल, मिठाई और अपनी श्रद्धा अनुसार सात्विक पकवानों का भोग लगाएं।

* ​मंत्र जाप और पाठ: इसके बाद मां कूष्मांडा के बीज मंत्र का जाप करें। आप दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ भी कर सकते हैं।

* ​आरती: अंत में विधि-विधान से मां की आरती उतारें और परिवार की सुख-शांति व अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

​मां कूष्मांडा का प्रिय भोग

​नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाने की विशेष परंपरा है। इसके अलावा आप ताजे फल और अन्य सात्विक मिठाइयों का भोग भी अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद इस प्रसाद को परिवार के सदस्यों और जरूरतमंदों में जरूर बांटें।
​मां कूष्मांडा का प्रभावी मंत्र
​पूजा के दौरान एकाग्रता बनाए रखने और मन को शांति देने के लिए इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें…

​ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

​Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, कथाओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बिंदास बोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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