SIR : SIR पर संग्राम… ECI के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई तेज, राहुल गांधी के नाम सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

Bindash Bol

* SIR : एसआईआर (SIR) पर संग्राम: विपक्ष का तीखा तेवर और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

SIR : भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के 11 शीर्ष विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। चुनाव आयोग के खिलाफ दाखिल इस याचिका (डायल नंबर: 64196/2026) के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

दिल्ली की सड़कों पर राजनीतिक गर्माहट

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता देश के कोने-कोने से जुटकर बाराखंभा रोड पर पहुंचे। यहां से विपक्षी नेताओं ने एक कड़े विरोध मार्च की शुरुआत की, जिसमें राहुल गांधी के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई दिग्गज नेता खुली गाड़ी पर सवार नजर आए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

याचिका में शामिल प्रमुख विपक्षी चेहरे…

​सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एस. प्रसन्ना के जरिए दाखिल इस याचिका में विपक्ष की मजबूत एकजुटता दिखाई दे रही है। प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं….

* ​राहुल गांधी (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं मुख्य याचिकाकर्ता)

* ​मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष)

* ​अखिलेश यादव (सपा प्रमुख)

* ​तेजस्वी प्रसाद यादव (राजद नेता)

* ​सौगता रॉय (टीएमसी सांसद) | संजय राउत (शिवसेना यूबीटी)

* ​सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) |

*  डी. राजा (सीपीआई)

सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की पांच प्रमुख मांगें

​बार एंड बेंच की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह याचिका एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने और अनियमितताओं के खिलाफ दायर की गई है। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूर्व निर्धारित मामलों का हवाला देते हुए समय देने में असमर्थता जताई थी, जिसके बाद विपक्ष ने कानूनी लड़ाई को और तेज कर दिया है। याचिका में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं….

* ​मुख्य चुनाव आयुक्त का निलंबन: मामले का अंतिम फैसला आने तक सर्वोच्च अदालत अपने विशेष अधिकारों का उपयोग कर मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित रखे।

* ​एसआईआर (SIR) के निर्णयों को शून्य घोषित करना: चुनाव आयोग के भीतर विवाद की जड़ बने SIR और उसके तहत लिए गए सभी दिशा-निर्देशों व कार्रवाइयों को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए।

* ​विशेष जांच कमेटी का गठन: पूरे घटनाक्रम और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्ति जज की अध्यक्षता में एक विशेष टीम बनाई जाए।

* ​सबूतों का संरक्षण: मामले से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और कागजी दस्तावेजों व साक्ष्यों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।

* ​क्वो वारंटो (Quo Warranto): मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब तलब किया जाए कि जब आयोग के अन्य सदस्य असहमत थे, तो उन्होंने किस अधिकार और आधार पर यह फैसला लिया?

​यह सियासी संग्राम इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी सुधारों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष और अधिक तीव्र होने वाला है।

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