Farooq Abdullah Attack: जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया, जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला पर कथित तौर पर गोली चलाने की कोशिश की गई। यह घटना जम्मू के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश स्थित होटल रॉयल पार्क में हुई, जहां कई बड़े नेता और मेहमान मौजूद थे। मौके पर मौजूद CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि एक व्यक्ति अचानक पीछे से आता है और फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब पहुंचकर पिस्टल तान देता है। हालांकि इससे पहले कि वह कोई नुकसान पहुंचा पाता, सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। इस तरह एक संभावित बड़ी घटना टल गई।

आरोपी कौन है और उसने क्या दावा किया?
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसकी शहर के पुराने हिस्से में कुछ दुकानें हैं और वह किराए से अपना गुज़ारा करता है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारने की सोच रहा था। उसका कहना था कि यह उसका “पर्सनल एजेंडा” था। आरोपी ने यह भी बताया कि जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया, वह उसकी लाइसेंसी बंदूक थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और शुरुआती जांच में कोई आतंकी एंगल सामने नहीं आया है।
CCTV फुटेज में क्या दिखा?
घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी धीरे-धीरे भीड़ के बीच से गुजरते हुए फारूक अब्दुल्ला के करीब पहुंचता है और अचानक पिस्टल निकालकर उन पर तान देता है। लेकिन उसी समय मौजूद सुरक्षा टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी को काबू कर लिया। इसी वजह से गोली लगने जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

घटना के समय कौन-कौन मौजूद था?
उस समय जम्मू-कश्मीर के डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी CM एक नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता के बेटे की शादी में शामिल होने आए थे। बताया जा रहा है कि दोनों नेता कार्यक्रम में करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक मौजूद रहे और मेहमानों से मुलाकात भी की।
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने कहा कि Z+ सुरक्षा के बावजूद कोई व्यक्ति इतनी नजदीक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सवाल है। उन्होंने यह भी बताया कि क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे यह हमला नाकाम हो गया।
क्या यह सुरक्षा में बड़ी चूक है?
डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताया है। उनका कहना है कि जब इतने बड़े नेता किसी कार्यक्रम में मौजूद हों और कोई व्यक्ति हथियार लेकर अंदर पहुंच जाए, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पिस्टल जब्त कर ली है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
