Strait Of Hormuz : ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी तनाव के बावजूद ईरान ने भारत के लिए अपने रास्ते खोल दिए हैं। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट (जहाजों का मुख्य रास्ता) में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित है। ईरान ने साफ किया है कि जो देश अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, उनके जहाज बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकते हैं। कई भारतीय मालवाहक जहाज पहले ही इस रास्ते से सामान्य रूप से गुजर चुके हैं।
चाबहार पोर्ट का काम जंग के बीच भी चल रहा
चाबहार पोर्ट पर भी बड़ा अपडेट देते हुए राजदूत फतहाली ने कहा कि चाबहार-जोहेदान रेलवे लाइन का 90% काम पूरा हो चुका है। जल्द ही यहां पटरी बिछाने का काम भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि युद्ध के माहौल के बाद भी इस प्रोजेक्ट पर एक दिन के लिए भी काम नहीं रुका है।
ईरान में भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा
ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर फतहाली ने भरोसा दिलाया है कि ईरान सरकार अपने नागरिकों और भारतीयों में कोई फर्क नहीं करती। उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।
अमेरिका-ईरान जंग पर ताजा अपडेट क्या है?
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप एक पुराने कानून की वजह से थोड़े फंसते दिख रहे हैं। 1973 के ‘वॉर पावर्स रिजोल्यूशन’ के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के सिर्फ 60 दिन तक ही सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप ने 1 मार्च को हमले की जानकारी दी थी, जिसकी 60 दिन की समयसीमा 1 मई को पूरी हो रही थी, लेकिन ट्रंप ने फिलहाल संसद में प्रस्ताव टाल दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री का कहना है कि ईरान के साथ जो सीजफायर हुआ है, उससे यह 60 दिन वाली गिनती फिलहाल रुक गई है।
अमेरिकी नौसेना की बड़ी तैयारी
भले ही प्रस्ताव टल गया हो, लेकिन अमेरिका अपनी तैयारी कम नहीं कर रहा है। अमेरिकी नौसेना अपने जहाजों (जैसे USS डेलबर्ट डी ब्लैक) में भारी मात्रा में ईंधन, खाना और हथियार लोड कर रही है। जिससे अंदेशा है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।