Jharkhand Investment : ​झारखंड के औद्योगिक कायाकल्प की तैयारी: CM हेमंत सोरेन का मिशन ‘प्रगति’

Bindash Bol

ग्लोबल MoU को धरातल पर उतारने की तैयारी

Jharkhand Investment :  झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदलने और इसे एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘मिशन मोड’ में काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के दौरान हुए समझौतों (MoUs) की समीक्षा की और उन्हें जल्द से जल्द हकीकत में बदलने का रोडमैप तैयार किया।

1. वैश्विक मंच से स्थानीय विकास तक का सफर

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दावोस और यूके की यात्रा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि यह झारखंड के सात करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब थी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड ने खुद को ‘अपार संभावनाओं वाले राज्य’ के रूप में सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया है। अब इन वैश्विक वार्ताओं को राज्य की मिट्टी पर ‘निवेश और रोजगार’ के रूप में परिवर्तित करने का समय आ गया है।

2. टेक्सटाइल सेक्टर: महिला सशक्तिकरण का नया आधार

​बैठक में टेक्सटाइल पॉलिसी पर विशेष मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि…

* ​झारखंड के हुनरमंद श्रमिक, जो वर्तमान में दूसरे राज्यों के कपड़ा उद्योगों में कार्यरत हैं, उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिले।

* ​वस्त्र उद्योग को महिला सशक्तिकरण का केंद्र बनाया जाए, क्योंकि इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार की सर्वाधिक संभावनाएं हैं।

* ​एक ऐसी सरल और प्रभावी नीति बनाई जाए जो निवेशकों को आकर्षित करे और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करे।

3. भविष्य की अर्थव्यवस्था: क्रिटिकल मिनरल्स और उच्च शिक्षा

​झारखंड की खनिज संपदा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए CM ने ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ के रिसर्च और प्रसंस्करण पर जोर दिया।

* सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

* फोकस एरिया: उच्च शिक्षा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), ऑटोमोबाइल और ईवी (EV) कंपोनेंट्स को निवेश के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा गया है।

4. पर्यटन और विरासत का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की एक अनूठी योजना पेश की। उन्होंने मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण के लिए जियो-टैगिंग (Geo-tagging) करने और इन क्षेत्रों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

प्रमुख निर्देश और रणनीति की मुख्य बातें..

प्राथमिकता क्षेत्र                       मुख्य लक्ष्य

MoU कार्यान्वयन  –   दावोस और यूके समझौतों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारना।

रोजगार सृजन – युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए आय के नए स्रोत बनाना।

निवेश नीति – निवेशकों के लिए सरल, पारदर्शी और आकर्षक सिंगल-विंडो सिस्टम।

तकनीकी साझेदारी – अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर रिसर्च और विकास को बढ़ावा देना।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह कदम झारखंड को पारंपरिक ‘खनिज प्रधान राज्य’ की छवि से ऊपर उठाकर एक ‘आधुनिक औद्योगिक पावरहाउस’ बनाने की दिशा में बड़ा संकेत है। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिवों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि सरकार प्रशासन के हर स्तर पर समन्वय के साथ इस विजन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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