Indian Politics : आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों को राज्यसभा सचिवालय से बीजेपी में विलय की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा सचिवालय ने इस संबंध में सोमवार सुबह अधिसूचना जारी की है। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी।
शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे ‘आप’ के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।
राघव चड्ढा ने क्या कहा?
इससे पहले राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है। सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे।
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह भी हैं। इतना ही नहीं, बलबीर सिंह सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। ये सभी पंजाब से सांसद हैं। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पोस्ट के अनुसार, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं, जबकि हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता जल्द सदस्यता ले सकते हैं।
राज्यसभा में कितनी बीजेपी-आप की सीटें?
राज्यसभा में बीजेपी की वर्तमान में 106 सीटें है, लेकिन विलय की घोषणा और राज्यसभापति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। वहीं आम आदमी पार्टी की संख्या महज 3 रह जाएगी। जबकि कांग्रेस के राज्यसभा में 29 सांसद हैं।