Treasury Scam : ​झारखंड ट्रेजरी घोटाला: CID की बड़ी कार्रवाई, बोकारो और चाईबासा से दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार

Bindash Bol

Treasury Scam : झारखंड में करोड़ों रुपये के ट्रेजरी (कोषागार) घोटाले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में जांच एजेंसी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बोकारो और चाईबासा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अवैध वेतन निकासी और सरकारी धन के गबन के आरोपों के तहत की गई है।
प्रमुख गिरफ्तारियां और वित्तीय खुलासे
सीआईडी ने इस मामले में सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह (होमगार्ड जवान, बोकारो) और देवनारायण मुर्मू (आरक्षी, चाईबासा) को गिरफ्तार किया है।
1.06 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन: जांच में पता चला है कि बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में तैनात सतीश कुमार के खाते में करीब 1.06 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ है।
खाता फ्रीज: सीआईडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सतीश के बैंक खाते में मौजूद 43 लाख रुपये की राशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है।
मुख्य सरगना से कनेक्शन: सतीश कुमार इस घोटाले के मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।
SIT का गठन और कानूनी प्रक्रिया
झारखंड सरकार की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे मामले की कमान सीआईडी को सौंपी गई है।
विशेष जांच दल (SIT): इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व आईजी पंकज कंबोज कर रहे हैं।
FIR दर्ज: बोकारो कोषागार से अवैध निकासी मामले को टेकओवर करते हुए सीआईडी थाने में 24 अप्रैल 2026 को कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।
न्यायिक हिरासत: गिरफ्तार होमगार्ड जवान सतीश कुमार को रांची की विशेष अदालत में पेश करने के बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार) भेज दिया गया है।
आगे की रणनीति
सीआईडी अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से पुलिस महकमे और कोषागार के बीच चल रहे इस बड़े ‘नेक्सस’ (गठजोड़) का पर्दाफाश होगा। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।

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