PM Modi : देशभर में लाखों छात्र-छात्राएं अपने भविष्य की सबसे बड़ी परीक्षा NEET री-एग्जाम देने के लिए घरों से निकल रहे थे। हर किसी के मन में तनाव, उम्मीद और सपनों का बोझ था। ठीक उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। सामान्य तौर पर उन्हें सीधे अपने आवास जाना था, लेकिन उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जब छात्रों के सपनों को मिली प्राथमिकता
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। उनका काफिला एयरपोर्ट से निकलता तो सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता था। दूसरी ओर, दोपहर 2 बजे से NEET री-एग्जाम शुरू होना था और हजारों छात्र परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ रहे थे।
ऐसे में प्रधानमंत्री ने अपने तय कार्यक्रम में बदलाव करते हुए लगभग 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया। उन्होंने तब तक अपने आवास के लिए रवाना नहीं होने का निर्णय लिया, जब तक परीक्षा शुरू नहीं हो गई। माना जा रहा है कि यह कदम सिर्फ इसलिए उठाया गया ताकि किसी भी छात्र को ट्रैफिक या सुरक्षा व्यवस्था की वजह से परीक्षा केंद्र पहुंचने में परेशानी न हो।
एक फैसला, जिसने जीत लिया लोगों का दिल
प्रधानमंत्री के इस निर्णय की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हो रही है। कई लोगों का कहना है कि जब देश का सर्वोच्च पद संभालने वाला व्यक्ति छात्रों के भविष्य को अपनी सुविधा से ऊपर रखता है, तो यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण बन जाता है।
22.79 लाख सपनों की परीक्षा
इस बार NEET री-एग्जाम में देश और विदेश से कुल 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में दाखिले का रास्ता तय करने वाली यह परीक्षा हर छात्र के जीवन का अहम पड़ाव मानी जाती है। सीमित MBBS सीटों के कारण प्रतियोगिता बेहद कड़ी है और हर मिनट छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा संचालन के लिए 2 लाख से अधिक कर्मचारियों, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है। नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
संदेश जो दिल को छू गया
NEET री-एग्जाम के दिन प्रधानमंत्री का यह निर्णय सिर्फ ट्रैफिक प्रबंधन का मामला नहीं था, बल्कि उन लाखों युवाओं के सपनों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी था, जो अपने भविष्य को संवारने के लिए परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ रहे थे। जब व्यवस्था छात्रों की राह आसान बनाने के लिए कदम बढ़ाती है, तो विश्वास भी मजबूत होता है और उम्मीदें भी।