Jharkhand : झारखंड सरकार ने अपने नियमित (स्थायी) कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए विशेष परिस्थितियों में एक महीने का अग्रिम वेतन देने का फैसला किया है। इस व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मचारी जरूरत पड़ने पर एक महीने का वेतन पहले ही प्राप्त कर सकेंगे। यदि यह राशि दो महीने के भीतर वापस कर दी जाती है, तो उस पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
हालांकि, यदि कर्मचारी निर्धारित दो महीने की अवधि में अग्रिम वेतन वापस नहीं कर पाता है, तो उसे अधिकतम 12 महीने के भीतर सामान्य ब्याज के साथ किस्तों में राशि जमा करनी होगी।
कर्मचारी महासंघ ने किया फैसले का स्वागत
झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि महासंघ लंबे समय से ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में त्योहारी सीजन (फेस्टिवल एडवांस) के दौरान भी अग्रिम वेतन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत मिल सके।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
सरकार की इस नई व्यवस्था का लाभ केवल झारखंड सरकार के स्थायी (नियमित) कर्मचारियों को मिलेगा। वहीं निम्नलिखित कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे….
* पेंशनभोगी (Pensioners)
* संविदा (Contractual) कर्मचारी
* आउटसोर्सिंग कर्मचारी
इसके अलावा, कोई भी कर्मचारी तब तक दूसरी बार अग्रिम वेतन नहीं ले सकेगा, जब तक वह पहले लिया गया पूरा अग्रिम वेतन वापस नहीं कर देता।
कितने कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 5.33 लाख स्वीकृत पद हैं। इनमें वर्तमान में लगभग 1.83 लाख नियमित सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं राज्य में करीब 1.60 लाख संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी सचिवालय से लेकर पंचायत स्तर तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसे में सरकार का यह फैसला नियमित कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है। हालांकि संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस सुविधा से बाहर रखने को लेकर चर्चा भी तेज हो सकती