CBSE 2026 : मेहनत, आत्मविश्वास और अपने प्रदर्शन पर अटूट भरोसा आखिरकार रंग लाया। रांची की होनहार छात्रा अवनी केजरीवाल ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के बाद ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो हर छात्र के लिए प्रेरणा बन गया है। पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके कुल अंकों में 24 अंकों की बढ़ोतरी हुई और अब उन्होंने 500 में 500 अंक हासिल कर लिए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ अवनी राज्य के टॉप छात्रों की सूची में शामिल हो गई हैं।

इंग्लिश में कटे थे 19 अंक, तभी लिया री-इवैल्यूएशन का फैसला
अवनी ने बताया कि उन्हें शुरू से ही अपने प्रदर्शन पर पूरा विश्वास था। खासकर इंग्लिश में मिले अंक देखकर उन्हें हैरानी हुई, क्योंकि यह उनका सबसे पसंदीदा और मजबूत विषय था।
उन्होंने कहा,
“हमें 500 में 500 अंकों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अब पूरा परिवार बेहद खुश है। इंग्लिश में मेरे 19 अंक और बिजनेस स्टडीज में 5 अंक कम दिए गए थे। मुझे लगा कि मेरी मेहनत का सही मूल्यांकन नहीं हुआ है, इसलिए मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया।”
री-इवैल्यूएशन के बाद इंग्लिश और बिजनेस स्टडीज के अंक बढ़े और कुल 24 अंक जुड़ने के साथ उनका स्कोर 500 में 500 हो गया।

पांचों मुख्य विषयों में मिले 100 में 100 अंक
अवनी ने अपने सभी पांच मुख्य विषयों में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
इंग्लिश कोर – 100/100
अकाउंटेंसी – 100/100
बिजनेस स्टडीज – 100/100
इकोनॉमिक्स – 100/100
एप्लाइड मैथेमेटिक्स – 100/100
इसके अलावा अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में भी उन्हें 99 अंक प्राप्त हुए हैं।

डीपीएस सेल टाउनशिप की छात्रा हैं अवनी
अवनी रांची के धुर्वा स्थित डीपीएस सेल टाउनशिप की छात्रा हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल व्यवसायी हैं, जबकि मां पूनम केजरीवाल गृहिणी हैं। परिवार का कहना है कि अवनी शुरू से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर रही हैं और उनकी सफलता लगातार मेहनत और अनुशासन का परिणाम है।
बिजनेस मैनेजमेंट में बनाना चाहती हैं करियर
कॉमर्स की छात्रा अवनी का सपना बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना है। उन्होंने सीयूईटी-यूजी 2026 की परीक्षा भी दी है और किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीबीए करने की तैयारी कर रही हैं।
अवनी का कहना है कि भविष्य में वह अपने पिता के व्यवसाय को आधुनिक तकनीक और नए विचारों के साथ आगे बढ़ाना चाहती हैं।
सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मेंटर को दिया
अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि पर अवनी ने कहा,
“मुझे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था, इसलिए मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। 500 में 500 अंक मिलना मेरे लिए बेहद गर्व और खुशी का पल है। इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों और विशेष रूप से अपने मेंटर सचित सर को देना चाहती हूं। उन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरा मानना है कि नियमित पढ़ाई, लक्ष्य पर फोकस और खुद पर विश्वास हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।”
हजारों छात्रों के लिए बनी प्रेरणा
अवनी केजरीवाल की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो अपनी मेहनत पर विश्वास रखते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि यदि आत्मविश्वास, अनुशासन और सही दिशा में निरंतर प्रयास हो, तो सफलता की सबसे ऊंची मंजिल भी हासिल की जा सकती है। रांची की इस बेटी ने न सिर्फ अपने परिवार और स्कूल, बल्कि पूरे झारखंड का नाम भी रोशन किया है।