ध्रुव गुप्त
(आईपीएस) पटना
Nagmani : कल एक पुरानी फैंटेसी फिल्म देख रहा था जो नागमणि की अद्भुत शक्तियों की कहानी कहती है। इसे देखते हुए दादी- नानी से सुने नागमणि की रहस्यमय शक्तियों वाले वे तमाम किस्से याद आए जिन्होंने बचपन भर हमें चमत्कृत कर रखा था। हमारे पुराण नागमणि की कथाओं से भरे पड़े हैं। शास्त्रों के अनुसार दस प्रकार की मणियों में एक नागमणि भी होती है। अग्नि जैसी चमकीली यह नागमणि सौ साल तक जीनेवाले दुर्लभ सांपों के माथे में मौजूद होती है। जिस भी व्यक्ति को यह मिल जाय, उसे अथाह संपति के अलावा विषों और कई रोगों से बच निकलने की शक्ति भी हासिल हो जाती है। नागमणि के बारे में विज्ञान का दृष्टिकोण जानने की कोशिश की तो पता चला कि इसे लेकर दुनिया के कई जीव विज्ञानियों ने सांपों का अध्ययन किया है। उनमें सबसे दिलचस्प खोज उन्नीसवीं सदी में अमरीकी वैज्ञानिक प्रो हँसोल्डट की है। उन्होंने श्रीलंका में कुछ सांपों के सिर पर चमकती हुई नागमणि जैसी कोई चीज देखी और उन्हें हासिल भी की थी। प्रयोगों से पता चला कि यह नागमणि वस्तुतः कुछ सांपों के सिर में मौजूद दुर्लभ खनिज क्लोरोफेन से बना एक छोटा सा पत्थर है जो गर्मी के मिलने से चमकने लगता है।हथेली की थोड़ी सी गर्मी से भी यह घंटों तक चमक दे सकता है। इसे कोबरा पर्ल या ब्लैक स्टोन कहा गया। प्रयोगों से यह भी साबित हुआ कि इस चमकीले पत्थर से सांप के विष या कई दूसरे रोगों के इलाज के जो दावे किए जाते रहे हैं वे अंधविश्वास के सिवा कुछ नहीं है।
अपनी चमक के कारण ही शायद यह नागमणि प्राचीन लोगों के आश्चर्य और आस्था का केंद्र बनी होगी। कालांतर में इसके आसपास गढ़े गए असंख्य मिथकों और नागपूजा के कर्मकांड ने इसे अलौकिक बना दिया।