* “राम मंदिर पर सियासी वार: योगी का अखिलेश पर हमला, बोले- मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वालों को रामलला देंगे सद्बुद्धि”
Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में 548 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले का मंच बना दिया। राम मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, कानून-व्यवस्था और कांग्रेस-सपा गठबंधन जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज अयोध्या की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने पुराने फैसलों पर पश्चाताप करना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन करने की सलाह देते हुए कहा कि “रामलला के दर्शन करेंगे तो सद्बुद्धि आएगी।” योगी ने यह भी कहा कि यदि कोई खुद को धार्मिक बताता है, तो उसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह वही पार्टी है जिसकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, कांवड़ यात्रा रोकी गई और आस्था का अपमान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकारी धन मंदिरों के बजाय कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनाने में खर्च होता था, जबकि उनकी सरकार मंदिरों, तीर्थों और धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के विकास को लेकर विपक्ष के पास कोई विजन नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या आज पूरी दुनिया में नई पहचान बना चुकी है और अब मथुरा भी बड़े विकास कार्यों का केंद्र बनेगा।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू की पहचान बन चुका था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में न कोई बड़ा दंगा हुआ और न ही कर्फ्यू लगाने की नौबत आई। उन्होंने इसे उनकी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने मुहर्रम के दौरान निकले लगभग 12 हजार ताजिया जुलूसों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रशासन के निर्देशों का पालन होने से पूरे प्रदेश में आयोजन शांतिपूर्ण रहा तथा संभावित दुर्घटनाओं से भी बचाव हुआ।
कांग्रेस-सपा गठबंधन पर हमला जारी रखते हुए योगी ने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी समाजवादी नेताओं को जेल भेजा, आज वही उसकी सबसे बड़ी सहयोगी बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने संविधान के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश की और अब भी वही राजनीति जारी है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। वहीं, उनके इस तीखे राजनीतिक बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।