JPSC JSSC Protest :सड़क पर तड़पता एक नौजवान, गिरता ब्लड प्रेशर, चढ़ता तेज बुखार और आंखों में इंसाफ की आखिरी उम्मीद। 13 दिनों से अन्न-जल त्यागे प्रेम नाईक का थरथराता लेकिन अडिग स्वर पूरे झारखंड की सोई हुई सत्ता को झकझोर रहा है—”शायद मैं ज्यादा दिन जिंदा न बचूं, लेकिन अपनी माटी और हक़ के लिए जान दे दूंगा, एक इंच पीछे नहीं हटूंगा!”
JPSC और JSSC में कथित धांधली और पेपर लीक के काले खेल ने झारखंड के होनहार युवाओं को किताबों से खींचकर तपती सड़क पर लाकर पटक दिया है। रांची में जारी यह छात्र आक्रोश 23वें दिन में दाखिल हो चुका है, लेकिन हुकूमत के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
“काले अंग्रेजों जैसा सलूक कर रही है सरकार”
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का आरोप है कि प्रशासन इलाज के बहाने आंदोलनकारियों को उठाकर आंदोलन कुचलने की साजिश रच रहा है। प्रेम नाईक ने दहाड़ते हुए कहा कि छात्रों पर लाठियां भांजने और फर्जी मुकदमे दर्ज करने वाले ‘काले अंग्रेज’ हैं। जब सत्ता पूरी तरह अंधी और बहरी हो जाए, तो अपनी आवाज सुनाने के लिए जोरदार धमाका जरूरी हो जाता है। छात्र अब जेल भरो आंदोलन, असहयोग और प्रदेश भर के स्कूल-कॉलेजों को ठप करने की रणनीति बना रहे हैं।
20 अगस्त: सत्ता के सिंहासन को हिलाने की तैयारी
सबर का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। छात्रों ने दो-टूक अल्टीमेटम दिया है:
* 18 अगस्त तक अगर सरकार ने मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया,
* 20 अगस्त को पूरे प्रदेश से लाखों छात्र राजधानी कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का महा-घेराव करेंगे।
गांधी के रास्ते से भगत सिंह की राह पर धकेलती व्यवस्था
आंदोलनकारी छात्र रविंद्र कुमार पासवान का दर्द और गुस्सा सीधे सत्ता के गठजोड़ पर हमला बोलता है। उन्होंने साफ कहा कि 22 दिन तक गांधीवादी तरीके से गुहार लगाई गई, जिसे कमजोरी समझ लिया गया। अब व्यवस्था खुद युवाओं को ‘शहीद भगत सिंह’ की राह अख्तियार करने पर मजबूर कर रही है।
छात्रों का आक्रोश सिर्फ मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राहुल गांधी के खोखले वादों पर भी फूट पड़ा है। छात्रों का कहना है कि सिर्फ सोशल मीडिया पर हमदर्दी जताना और असलियत में चुप्पी साधे रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता में बराबर के हिस्सेदार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते।
फैसला अब सरकार को करना है—या तो नौजवानों के भविष्य की रक्षा करे, या फिर लाखों युवाओं के इस सैलाब के आक्रोश का सामना करने को तैयार रहे!