Brigadier Mohammad Usman : एक थे ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान

Bindash Bol

ध्रुव गुप्त
(आईपीएस)

Brigadier Mohammad Usman : आज भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा की कड़ियों में एक ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का शहादत दिवस है जिनकी कुर्बानियों को देश लगभग विस्मृत कर चुका है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (संप्रति मऊ) जनपद के बीबीपुर में जन्मे उस्मान भारतीय सैन्य अधिकारियों के उस शुरुआती बैच में शामिल थे, जिनका प्रशिक्षण ब्रिटेन में हुआ था। 1947 में भारत-पाक युद्ध के वक़्त वे उस पैरा ब्रिगेड के कमांडर थे जिसने नौशेरा में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। उन्हें ‘नौशेरा का शेर’ कहा गया। उनकी बहादुरी और अचूक रणनीति के चर्चे इतने थे कि देश के बंटवारे के बाद जिन्ना और लियाकतअली खान ने चीफ बनाने का प्रलोभन देकर उन्हें पाक सेना में शामिल करने की कोशिशें की थीं। उस्मान ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया। बंटवारे के बाद डोगरा रेजीमेंट में पैराशूट ब्रिगेड की कमान संभाल रहे उस्मान सामरिक महत्व के क्षेत्र झनगड़ में तैनात थे जिसे पाक सेना ने कब्जे में ले लिया था। मार्च,1948 में ब्रिगेडियर उस्मान के नेतृत्व-कौशल से झनगड़ पर फिर भारत का कब्जा हुआ। झनगड़ के इस अभियान में पाक की सेना के हजार जवान मरे थे और लगभग इतने ही घायल हुए थे। झनगड़ के छिन जाने और बड़ी संख्यामें अपने सैनिकों के हताहत होने से अपमानित पाक सेना ने उस्मान का सिर कलम कर लाने वाले को पचास हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया। 3 जुलाई ,1948 की शाम उस्मान अपने टेंट से बाहर  थे कि पाक सेना ने उनपर  एक भारी गोला दाग दिया जिससे उनकी शहादत हो गई। इस शहादत के बाद राजकीय सम्मान के साथ ब्रिगेडियर उस्मान को जामिया मिलिया इसलामिया क़ब्रगाह, दिल्ली में दफनाया गया। उनकी अंतिम यात्रा में देश के तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड माउंटबेटन, प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, केंद्रीय मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और शेख अब्दुल्ला शामिल थे। किसी फौजी के लिए आज़ाद भारतका यह सबसे बड़ा सम्मान था जो उनके बाद किसी भी फौजी को नहीं मिला। मरणोपरांत उन्हें ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। उनके बारे में एक एक अद्भुत बात यह थी कि फौजी जीवन में बेहद कड़क माने जाने वाले उस्मान अपने व्यक्तिगत जीवन में बेहद मानवीय और उदार थे। उन्होंने शादी नहीं की थी और अपने वेतन का बड़ा हिस्सा गरीब बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंदों पर खर्च कर दिया करते थे।

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