Jharkhand : झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के आंदोलन के 24वें दिन सोमवार को हेमंत सोरेन सरकार झुक गई. जिसके बाद उन्होंने परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान कर दिया. सीएम की घोषणा के बाद भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने अनशन खत्म कर दिया. लेकिन इसके बावजूद सरकार की मुश्किलें कम होती नजर नही आ रही हैं. बता दें कि छात्र अभी भी सीबीआई जांच पर अड़े हुए हैं.
छात्रों की तरफ से कहा गया है कि जब तक सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी हमसे मिलने आए और उन्होंने हमसे आंदोलन वापस लेने की अपील की. हालांकि, सरकार अभी तक CBI जांच की हमारी मांग पर सहमत नहीं हुई है. हम अभी भी CBI जांच की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.
CBI जांच होनी चाहिए: रवींद्र पासवान
रवींद्र पासवान ने कहा कि हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दिए गए आश्वासनों, खासकर, जिन आधिकारिक नोटिफिकेशन और प्रेस रिलीज की उम्मीद है, उसका अध्ययन करेंगे और फिर, हम निश्चित रूप से अपने आंदोलन की रणनीति के बारे में बताएंगे. हमारी मांग है कि CBI जांच होनी चाहिए.
JSSC-CGL और TDPL के माध्यम से हुईं परीक्षाएं रद्द
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन के बीच, सीएम सोरेन ने सोमवार को JSSC-CGL परीक्षा और 2014 से आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की. यह फैसला सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक लंबी बैठक में लिया गया.
सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी. हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फ़ैसला किया है.
परीक्षा सुधार समिति के गठन का ऐलान
उन्होंने आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति के गठन की भी घोषणा की. सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंतित है और उसने ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले ही झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम लागू कर दिया है.
उन्होंने कहा, सीआईडी और एसआईटी की ओर से परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. अभी इनका खुलासा नहीं किया जा सकता. सोरेन ने आरोप लगाया कि झारखंड में काम कर रही कई कंपनियां एक बड़े परीक्षा गिरोह में संलिप्त प्रतीत होती हैं.
सीबीआई से जांच कराने की मांग पर अड़े
राज्य में अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने हालांकि कहा है कि जब तक सीबीआई से जांच कराने की उनकी मांग नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा. इस बीच, जेएसएससी-सीजीएल उत्तीर्ण करके सरकारी नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों ने झारखंड सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि अगर परीक्षा रद्द की जाती है, तो लगभग 2,000 लोगों की नौकरी जा सकती है.