FIFA World Cup: 2-0 से पिछड़ी अर्जेंटीना ने रचा इतिहास, मेसी की कप्तानी में मिस्र को 3-2 से हराकर सुपर-16 में किया सबसे बड़ा कमबैक

Bindash Bol

FIFA World Cup: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-16 राउंड में फुटबॉल प्रेमियों को ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और अंडरडॉग मानी जा रही मिस्र की टीम के बीच खेला गया यह मैच किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं था। एक समय अर्जेंटीना 0-2 से पीछे थी और ऐसा लग रहा था कि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर होने वाला है। लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने दमदार वापसी करते हुए 3-2 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

15वें मिनट में मिस्र ने किया पहला वार

मैच की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक तेवर दिखाए। 15वें मिनट में मिले कॉर्नर को मारवान अत्तिया ने शानदार तरीके से पेनल्टी बॉक्स में पहुंचाया। वहां मौजूद यासर इब्राहिम ने ऊंची छलांग लगाकर जोरदार हेडर लगाया और गेंद को सीधे गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ मिस्र ने 1-0 की बढ़त बना ली और अर्जेंटीना पर दबाव बढ़ गया।

67वें मिनट में मिस्र ने बढ़त की दोगुनी

बराबरी की तलाश में अर्जेंटीना लगातार आगे बढ़ रही थी, लेकिन इसी आक्रामकता का फायदा मिस्र ने उठाया। 67वें मिनट में शानदार काउंटर-अटैक के दौरान गेंद मोस्तफा जिको के पास पहुंची। उन्होंने बेहतरीन दौड़ लगाते हुए अर्जेंटीना के गोलकीपर एमी मार्टिनेज को चकमा दिया और शानदार फिनिश के साथ स्कोर 2-0 कर दिया। उस पल ऐसा लगा कि विश्व चैंपियन की विदाई तय है।

रोमेरो ने जगाई वापसी की उम्मीद

मैच के 79वें मिनट में अर्जेंटीना को एक सेट-पीस मिला। बॉक्स में आई गेंद पर क्रिस्टियन रोमेरो ने अपने डिफेंडर को पछाड़ते हुए शानदार हेडर लगाया और स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने अर्जेंटीना के खिलाड़ियों और समर्थकों में नई ऊर्जा भर दी।

मेसी का जादू, चार मिनट में बराबरी

पहले पेनल्टी गंवाने वाले कप्तान लियोनेल मेसी ने आखिरकार अपना जादू दिखाया। 84वें मिनट में मिस्र की रक्षापंक्ति गेंद को सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद सीधे मेसी के पास पहुंची और उन्होंने अपने मशहूर बाएं पैर से सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। महज चार मिनट के भीतर अर्जेंटीना ने 0-2 से वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया।

92वें मिनट में एंजो फर्नांडीज बने जीत के हीरो

इंजरी टाइम में अर्जेंटीना ने अंतिम हमला बोला। जूलियन अल्वारेज ने शानदार टैकल से गेंद छीनी और तेजी से काउंटर-अटैक शुरू किया। गेंद लाउतारो मार्टिनेज तक पहुंची, जिन्होंने बॉक्स में सटीक क्रॉस डाला। वहां दौड़ते हुए पहुंचे एंजो फर्नांडीज ने डाइविंग हेडर के जरिए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। 92वें मिनट का यह गोल अर्जेंटीना को 3-2 की अविस्मरणीय जीत दिलाने वाला साबित हुआ।

इतिहास भी बदल गया

यह जीत सिर्फ एक रोमांचक मुकाबले की कहानी नहीं, बल्कि इतिहास बदलने का भी पल थी। फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार अर्जेंटीना ने 0-2 से पिछड़ने के बाद मैच जीतने का कारनामा किया। इससे पहले विश्व कप में 13 बार अर्जेंटीना दो गोल से पीछे हुई थी और हर बार उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस बार मेसी की कप्तानी में टीम ने न सिर्फ मुकाबला पलटा, बल्कि अपना पुराना रिकॉर्ड भी बदल दिया।
अर्जेंटीना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि असली चैंपियन वही होता है, जो आखिरी सीटी बजने तक हार नहीं मानता।

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