PoJK Protest : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में भड़की विद्रोह की चिंगारी अब एक बड़ी आग बन चुकी है। इस्लामाबाद के दशकों पुराने दमनकारी नियंत्रण को सीधी चुनौती देते हुए स्थानीय जनता का आंदोलन आज 36वें दिन भी जारी रहा। रावलाकोट में उमड़े हजारों के सैलाब के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अम्मान खान ने दहाड़ते हुए पाकिस्तान के ‘फेक नैरेटिव’ की धज्जियां उड़ा दीं। खान ने साफ कहा..
”यह कोई विवादित इलाका नहीं है, बल्कि पाकिस्तानी फौज के अवैध कब्जे वाली सरजमीं है। हमारा यह आंदोलन अब ‘जीत या शहादत’ तक थमने वाला नहीं है।”
खूनी संघर्ष: पाक रेंजर्स की बर्बरता, 7 नागरिकों की मौत
रावलाकोट में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और रेंजर्स ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। अंधाधुंध गोलीबारी में 7 और बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई।
इस नरसंहार पर यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से गुहार लगाते हुए निम्नलिखित मांगें उठाई हैं….
* अंतरराष्ट्रीय जांच: अवैध हत्याओं, मनमानी गिरफ्तारियों और लोगों को जबरन गायब करने की घटनाओं की एक स्वतंत्र वैश्विक जांच हो।
* नाकेबंदी का खात्मा: क्षेत्र में लगाई गई सख्त पाबंदियों, इंटरनेट ब्लैकआउट और आवश्यक वस्तुओं (खाद्य-दवाइयों) की किल्लत को तुरंत दूर किया जाए।
* फैक्ट-चेकिंग मिशन: संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन और अमेरिका तुरंत PoJK में अपना एक निष्पक्ष दल भेजें जो जमीनी हकीकत का मुआयना कर सके।
जनरल आसिम मुनीर का ‘क्रूर प्लान’: JAAC को मिटाने की साजिश
खुफिया सूत्रों के हवाले से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किरकिरी से बचने के लिए मुनीर ने सुरक्षाबलों को इस जन-आंदोलन को बलपूर्वक पूरी तरह कुचलने का गुप्त निर्देश दिया है।
पाकिस्तानी हुक्मरान अब JAAC के शीर्ष नेतृत्व को ही रास्ते से हटाने (Targeted Action) की फिराक में हैं। हालांकि, इस खौफनाक साजिश के बावजूद आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। JAAC नेतृत्व ने आवाम से भावुक अपील करते हुए कहा…
”अगर हमारे सारे नेता मार भी दिए जाएं, तब भी पीछे मत हटना। यह अब नेताओं का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन बन चुका है।”
आंदोलन की मुख्य वजहें: आखिर क्यों सुलग रहा है PoJK?
मुख्य मुद्दे पाकिस्तानी हुकूमत का रवैया
महंगाई और बदहाली आसमान छूती जीवन-यापन
लागतऔर बुनियादी
सुविधाओं का अभाव।
प्रशासनिक उपेक्षा दशकों से जारी राजनीतिक
भेदभाव और अल्पसंख्यकों
पर अत्याचार।
सैन्य दमन जायज मांगें सुनने के बजाय
लाठी, गोली और इंटरनेट
बैन का इस्तेमाल।
भारत की पैनी नजर: विदेश मंत्रालय ने जताई गहरी चिंता
PoJK के बिगड़ते हालात पर भारत सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की जायज चिंताओं को दूर करने के बजाय इस्लामाबाद पुलिसिया बर्बरता, नाकेबंदी और निहत्थे नागरिकों पर जानलेवा बल प्रयोग का सहारा ले रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
आगे क्या? मुजफ्फराबाद मार्च की तैयारी
तमाम बंदिशों और सेना की गीदड़भभकियों को ठेंगा दिखाते हुए JAAC ने बुधवार को ‘मुजफ्फराबाद मार्च’ जारी रखने का एलान किया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर कड़ी नाकेबंदी कर दी है। इस मार्च में भारी संख्या में महिलाओं और बच्चों के भी शामिल होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन अब केवल हकों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि एक पूर्ण ‘प्रतिरोध आंदोलन’ (Resistance Movement) का रूप ले चुका है।