Paper Leak : नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हुई। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित वीपी भवन में हुई इस बातचीत ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा?
सरकार और CJP आमने-सामने
बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और आंदोलन से जुड़े ज्ञापन भी सरकार को सौंपे गए।
CJP ने रखीं तीन बड़ी मांगें
बैठक में CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं..
* केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या मंत्रिमंडल से हटाया जाना।
* कथित तौर पर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
* आंदोलन से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेना।
CJP का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक रहा है, इसलिए प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले समाप्त किए जाने चाहिए।
इस्तीफे पर सरकार ने मांगा एक दिन
बैठक के बाद CJP नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी तीन में से दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने अंतिम फैसला देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की तीन मुख्य मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझावों को गंभीरता से सुना है। उन्होंने बताया कि चर्चा सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और सरकार शनिवार को दोबारा बैठक कर अपना पक्ष स्पष्ट करेगी।
CJP की चेतावनी
राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका दावा है कि देशभर में छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है और यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को राष्ट्रव्यापी रूप दिया जाएगा।
रांका ने यह भी कहा कि सरकार ने मुआवजे और एफआईआर वापस लेने की मांगों पर सिद्धांततः सहमति जताई है, लेकिन सबसे अहम मुद्दा अभी भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अटका हुआ है।
अब आगे क्या?
सरकार और CJP के बीच शनिवार को फिर बैठक होगी। यह मुलाकात तय करेगी कि गतिरोध खत्म होता है या जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन देशभर में और तेज़ होता है।