Brij Bhushan Sharan Singh : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिल गई है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर दोनों को बरी कर दिया है।
“पहले दिन से कह रहा था, आरोप सिद्ध हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा”
अदालत के फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा…
”अदालत ने कहा है कि बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर, आप दोनों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले ही दिन कहा था कि यदि मेरे खिलाफ कोई भी आरोप साबित होता है, तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। आज कोर्ट ने न्याय किया है, जो मेरे और मेरे प्रशंसकों के लिए बेहद खुशी की बात है।”
मामले की मुख्य बातें….
एफआईआर से फैसले तक
जनवरी 2023 (सड़क पर उतरा आंदोलन)
देश के दिग्गज पहलवानों—विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया—ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।
अप्रैल 2023 (सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से दर्ज हुई FIR)
पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने के आरोपों के बाद पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
मई 2024 (आरोप तय होना)
अदालत ने कुल 6 महिला पहलवानों में से 5 की शिकायत के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना) और 354A (यौन उत्पीड़न) के तहत ‘चार्ज फ्रेम’ किए थे। एक पहलवान की शिकायत पर उन्हें पहले ही ‘डिस्चार्ज’ कर दिया गया था। सह-आरोपी विनोद तोमर पर आपराधिक धमकी देने (Criminal Intimidation) की धाराएं लगाई गई थीं।
अदालती प्रक्रिया…
जांच एजेंसी ने इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार नहीं किया था। उन्हें अगस्त 2023 में जमानत मिली थी, जिसका कोर्ट में विरोध भी नहीं किया गया था। वह लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और आरोपों के दौर के बाद, अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दोनों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है।