* मानसून सत्र शुरू, स्पीकर बोले- लोकतंत्र में अल्पमत का सम्मान जरूरी, 4 को पेश होगा अनुपूरक बजट
JHARKHAND ASSEMBLY MONSOON SESSION : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। कुल 5 कार्य दिवसों वाले इस सत्र के दौरान राज्य सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करने के साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को निपटाएगी।
सत्र की दिनवार कार्यसूची
* 6 अगस्त (पहला दिन): सत्र की शुरुआत शोक प्रकाश के साथ हुई, जिसके बाद सदन की सामान्य विधायी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
* 7 अगस्त: पहली पाली में प्रश्नकाल आयोजित होगा। इसके बाद दूसरी पाली में राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
* 8 और 9 अगस्त: शनिवार और रविवार के कारण सदन में अवकाश रहेगा।
* 10 अगस्त: पहली पाली में प्रश्नकाल होगा। दूसरी पाली में अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद के बाद संबंधित विनियोग विधेयक को सदन से पारित कराया जाएगा।
* 11 अगस्त: पहली पाली में प्रश्नकाल और दूसरी पाली में महत्वपूर्ण राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे।
* 12 अगस्त (अंतिम दिन): सत्र के आखिरी दिन पहली पाली में प्रश्नकाल रहेगा, जबकि दूसरी पाली में राजकीय विधेयकों के साथ-साथ गैर-सरकारी संकल्प सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। पहले दिन स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सदन में अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में अल्पमत का भी सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि सदन में स्वस्थ बहस होनी चाहिए उन्होंने लोकतंत्र, रचनात्मक संवाद और जन आकांक्षाओं की पूर्ति पर जोर दिया। सत्र 7 अगस्त तक चलेगा। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। सत्र के पहले दिन सदन ने कई दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि भी दी।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने राज्य के लिए शिबू सोरेन के योगदान को याद किया। स्पीकर ने सभापतियों के नामों की घोषणा की। स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव सभापति होंगे. कार्यमंत्रणा समिति में स्पीकर, मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी सहित कई सदस्य हैं। दीपक बिरूआ, मथुरा महतो जैसे कई लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
संविधान निर्माताओं की परंपरा को याद रखना चाहिए
स्पीकर ने कहा कि हमें संविधान निर्माताओं की परंपरा को याद रखना चाहिए। संविधान सभा में कहा गया था कि “हमने इस संविधान के द्वारा अपने देश के लोगों को एक ऐसी व्यवस्था दी है, जिससे वे अपनी तकदीर स्वंय लिख सके।
पहले दिन कई दिवंगत आत्माओं को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र के पहले दिन कई दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। इनमें चंद्रशेखर सिंह, तिलकधारी सिंह और डॉ. के. कस्तूरीरंगन शामिल थे। अहमदाबाद विमान हादसे और पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भी याद किया गया। हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी ने इन विभूतियों के योगदान पर बात की। सदन ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।