Parliament Monsoon Session : मानसून सत्र का ‘द एंड’ … अमित शाह के चैलेंज से राहुल गांधी का इनकार, क्या आज भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगी संसद?

Siddarth Saurabh

Parliament Monsoon Session : ​संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी अंक है, लेकिन लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर का सन्नाटा और शोर का तालमेल टूटने का नाम नहीं ले रहा। कार्यवाही का वक्त दोपहर 3 बजे तक का तय है, लेकिन सवाल वही बरकरार है—क्या आज भी संसद बिना किसी नतीजे के ‘ऑफ एयर’ हो जाएगी या आख़िरी घंटों में कोई बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिलेगा?

​अमित शाह का फ्रंट-फुट अटैक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बाकायदा लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर बाजी विपक्ष के पाले में फेंक दी है। शाह का सीधा और तीखा मैसेज है—”मेज पर आइए, चर्चा कीजिए। विपक्ष छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाए या कोई और, मैं हर सवाल का हिसाब देने को तैयार हूँ।” गृहमंत्री की यह चिट्ठी सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए एक खुला सियासी चैलेंज है।

​राहुल गांधी का कड़ा ऐतराज

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शाह के इस ‘ऑफर’ को सिरे से खारिज करते हुए अपना रुख साफ कर दिया है। राहुल का आक्रामक पलटवार है कि उन्हें अमित शाह के लंबे-चौड़े भाषणों और बयानों में कोई दिलचस्पी नहीं है। विपक्ष अपनी शर्तों पर चर्चा और ठोस नतीजों की जिद पर अड़ गया है, जिसके चलते सदन के भीतर किसी समझौते की उम्मीद न के बराबर नजर आ रही है।

​क्लाइमैक्स की ओर बढ़ता सत्र

अब दोपहर 3 बजे तक का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। एक तरफ सरकार चर्चा का ढोल पीटकर विपक्ष को घेरने की फिराक में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष नारेबाजी और हंगामे के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा रखने की रणनीति पर कायम है। देखना यह होगा कि आख़िरी वक्त में क्या राहुल गांधी अमित शाह की इस ‘चुनौती’ को स्वीकार कर सदन में कोई सीधी भिड़ंत का रास्ता चुनते हैं, या फिर यह मानसून सत्र भी भारी शोर-शराबे की बलि चढ़कर इतिहास में दर्ज हो जाएगा!

लोकसभा में 18 दिन में कितने घंटे काम हुआ?

लोकसभा में अबतक 18  दिन में सिर्फ 19 घंटे 23 मिनट काम हुआ है। जबकि शेड्यूल के हिसाब से 108 घंटे काम होना चाहिए था। यानि लोकसभा में सिर्फ 18% काम हुआ। 18 दिनों में लोकसभा में 12 बिल पास हुए और राज्यसभा में दो बिल पास हुए। हंगामे की वजह से लोकसभा का करीब 133 करोड़ रुपये बर्बाद हुआ।

राज्यसभा के 2 सांसदों ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

राज्यसभा में लुंगीवाला कहने का आरोप लगाने पर विवाद गरमा गया है। इस मामले में पहले राज्यसभा में CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने बीजेपी की सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। अब  सुष्मिता देव ने भी जॉन ब्रिटास के खिलाफ नोटिस दे दिया है। जॉन ब्रिटास के आरोपों का खंडन करते हुए सुष्मिता देव ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्पीकर से कहा है कि वो दोनों आरोप लगाने वालों के फैक्ट चैक करें और अपना फैसला सुनाएं। 10 अगस्त को राज्यसभा में चर्चा के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। उसके बाद ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सुष्मिता देव ने उन्हें लुंगी वाला कहा। केरल के सांसदों ने इस मामले में संसद भवन परिसर में प्रोटेस्ट भी किया।

कौन-कौनसे बिल नहीं हो पाए पास?

सरकार ने ये बिल तो पास करवा लिए लेकिन विपक्ष की जिद का असर दूसरे बिलों पर पड़ा।

ये बिल नहीं हो पाए पास-

* विदेशों से मिलने वाले चंदे और फंडिंग के नियमों को और कड़ा करने वाला FCRA बिल इस सत्र में पास नहीं हो पाया

* शिक्षा सुधार विधेयक दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है।

* सीटों के नए सिरे से निर्धारण को लेकर परिसीमन बिल पर सरकार विपक्ष को राजी नहीं कर पाई।

मानसून सत्र में कितने बिल पास?

* विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार कुछ हद तक बिल पास करवाने में कामयाब रही। इस मॉनसून सत्र में-

* परीक्षाओ में धांधली रोकने वाला एंटी पेपर लीक बिल

* केरल का नाम बदलकर केरलम करने वाला बिल

* डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र और नागरिक पंजीकरण बिल

* सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या से जुड़ा बिल

* सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के भुगतान के लिए MSME विधेयक

* इनकम टैक्स और टैक्स सुधार से जुड़ा बिल

* राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक

* और खनन क्षेत्र में सुधारों और राज्यों की मांगों से जुड़ा विधेयक पास करवाने में कामयाबी हासिल की।

अमित शाह के जवाब में कोई दिलचस्पी नहीं-राहुल

संसद में रोज प्रदर्शन कर रही विपक्ष की कुछ पार्टियां भी चर्चा चाहती हैं लेकिन राहुल गांधी अड़े हुए हैं। उनका सीधा निशाना अमित शाह हैं। वो अमित शाह से जवाब चाहते हैं लेकिन सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहते। हालांकि अमित शाह ने स्पीकर को चिट्ठी लिखने के पहले खुद सामने आकर खुद कोशिश की। अमित शाह की ये अपील भी राहुल गांधी की जिद नहीं तोड़ पाई। उन्होंने साफ इशारा दे दिया कि वो शाह को निशाना बनाएंगे और सदन चलाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका कहना है अमित शाह के भाषण में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।

चर्चा करवाने के लिए अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चर्चा करवाने के लिए लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में शाह ने लिखा है, ”मैं आपसे आग्रह करना चाहता हूं कि आप इस विषय पर विपक्षी दलों के साथ परामर्श करें। सभी दलों की सहमति से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस के लिए जितना भी समय आवश्यक हो वह आवंटित किया जाए। मैं खुद पूरी चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित रहूंगा और बहस के अंत में विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों और आशंकाओं का विस्तार से जवाब दूंगा।”

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