Operation Sindoor : भारत पर आंख उठाने वालों के लिए नया भारत काल बन चुका है। साल 2025 में जब पहलगाम में कायराना आतंकी हमले में 26 बेकसूर भारतीयों का खून बहा, तो दिल्ली से इस्लामाबाद तक एक ही गूंज सुनाई दी थी—हिसाब पूरा और बराबर होगा! डिस्कवरी की डॉक्युसीरीज डिक्लासिफाइड में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने उस महा-ऑपरेशन का वो राज़ बेनकाब किया है, जिसने सीमा पार आतंकियों की रीढ़ तोड़ दी थी।
“जमीन में गड़े हों या आसमान में, चुन-चुन कर मारो!”
हमले की खबर मिलते ही सऊदी अरब के दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख बेहद सख्त और आक्रामक था। एयरपोर्ट पर उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ पहली आपात बैठक में पीएम मोदी ने बिना लाग-लपेट के पहला सवाल दागा: “गुनहगार कौन है और वो कहां छिपा है?”
इसके बाद प्रधानमंत्री ने वह ऐतिहासिक आदेश दिया जिसने भारतीय सेना को खुली छूट दे दी। पीएम का स्पष्ट फरमान था…
”भारत अब किसी समझौते के मूड में नहीं है। बेकसूरों की जान लेने वाले आतंकी चाहे पाताल में छिपे हों, जमीन पर हों या आसमान में—उन्हें खोजो और वहीं ढेर करो।”
डोभाल के मुताबिक, यह सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई का आदेश नहीं था, बल्कि आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का सीधा ऐलान था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदेश साफ है—जब तक धरती से आखिरी आतंकी का नामोनिशान नहीं मिट जाता, यह हंटिंग ऑपरेशन रुकेगा नहीं।
7 मई का वो खूनी सबक: PoK और पाकिस्तान में आतंकियों का संहार
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने महज कुछ ही दिनों में हमले की पूरी साजिश और उसके आकाओं को बेनकाब कर दिया। इसके बाद 7 मई को शुरू हुआ भारतीय सेना का विनाशकारी ‘ऑपरेशन सिंदूर’।
सेना ने पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर (PoK) की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक जैसी इस भीषण कार्रवाई में सैकड़ों आतंकियों को उनके ही कैंपों में ढेर कर दिया गया।
भारत की संप्रभुता के लिए कोई लक्ष्मण रेखा नहीं!
NSA अजीत डोभाल ने साफ कर दिया कि भारत की संप्रभुता और देशवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए भारत किस हद तक जा सकता है, इसकी कोई तय सीमा या लक्ष्मण रेखा नहीं हो सकती। दुश्मनों ने जहां से वार की साजिश रची, भारत ने सीधे उसी बिल में घुसकर उन्हें खत्म किया।