Uttar Pradesh Elections : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने की तैयारियों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है. बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और उत्तराखंड में भी किसी दल से गठबंधन या समझौता किए बिना अपने बलबूते चुनाव मैदान में उतरेगी.
बसपा प्रमुख मायावती का बड़ा ऐलान
उन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कर्मठ व ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर विशेष जोर दिया. मायावती ने लखनऊ में आयोजित बैठक में पंजाब में पार्टी के जनाधार और संगठन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा को बेहतर परिणाम के लिए पूरी ताकत से तैयारी करनी होगी.
यूपी समेत तीन राज्यों में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी बसपा
उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए. बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनावी गठबंधन से पार्टी को सीट और वोट प्रतिशत, दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है. इसी वजह से उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बसपा अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी.
बसपा प्रमुख मायावती ने कार्यकर्ताओं से विरोधियों के सभी साम-दाम-दंड-भेद के हथकंडों का सामना करते हुए बेहतर परिणाम के लिए जुटने का आह्वान किया. बैठक में मायावती ने आगामी 9 अक्टूबर को पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों को पिछले वर्ष के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करने को कहा. साथ ही, 15 जनवरी 2027 को ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के अवसर पर बसपा की ओर से किए जाने वाले आर्थिक सहयोग को पिछली बार से बेहतर करने पर जोर दिया.
मायावती ने पार्टी संगठन को चुनावों के लिए तैयारी के दिए निर्देश
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए अंबेडकरवादी विचारधारा और बसपा आंदोलन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. मायावती ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य गरीब, बेरोजगार और वंचित वर्गों को गरीबी व बेरोजगारी से मुक्ति तथा आत्मसम्मान के साथ जीवन का अवसर दिलाने वाली नीतियों को आगे बढ़ाना है. उन्होंने पार्टी संगठन को आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह सक्रिय और तैयार रखने के निर्देश दिए.
