CM Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र सौंपते हुए प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। सीएम योगी ने घोषणा की कि अगले 6 महीनों के भीतर पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए 1 लाख और युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया और रोजगार पर मुख्य बिंदु
* पारदर्शिता और मेरिट: सीएम ने कहा कि बिना भेदभाव, आरक्षण नियमों के पूर्ण पालन और योग्यता के आधार पर भर्तियां कराना सरकार की प्राथमिकता रही है।
* साढ़े 9 वर्षों का रिकॉर्ड: पिछले साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष रूप से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
* तेज प्रक्रिया: भर्ती आयोगों को समय-सीमा घटाने के निर्देश दिए गए हैं; कई परीक्षाओं में अब 14 दिन के भीतर परीक्षा और अगले 14 दिन में परिणाम जारी किए जा रहे हैं।
* वैश्विक अवसर: इजरायल में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल भी राज्य की युवा प्रतिभा से प्रभावित हुआ है।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला
सीएम योगी ने 2017 से पहले के दौर को याद करते हुए कहा कि पहले भर्ती निकलते ही ‘चाचा-भतीजा’ सिंडिकेट वसूली में जुट जाता था और नकल माफिया का बोलबाला था। वर्तमान सरकार ने भर्ती में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित की है।
किसानों, बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था में सुधार
* सशक्त अर्थव्यवस्था: उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकल चुका है और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
* किसानों को राहत: किसानों को मुफ्त बिजली, ट्यूबवेल सुरक्षा और किसी भी आपदा की स्थिति में 24 घंटे के अंदर मुआवजा सुनिश्चित किया गया है।
* चीनी उत्पादन में मजबूती: राज्य में 4 लाख टन की मासिक खपत के मुकाबले वर्तमान में 28 लाख टन चीनी का भंडार है। आगामी पेराई सत्र (15 अक्टूबर से) के बाद कुल उपलब्धता लगभग 90 लाख टन तक पहुंच जाएगी।
सीएम योगी ने नवनियुक्त मंडी सचिवों को किसानों के सम्मान, मंडियों की स्वच्छता और व्यवस्था सुधार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का निर्देश देते हुए ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
