BRICS 2026 : ब्रिक्स सम्मेलन में छाई भारत की कूटनीति: ईरानी पत्रकार बोले— ‘पीएम मोदी ने पाकिस्तान को किया रिप्लेस, अब मिलना चाहिए नोबेल!’

Bindash Bol

BRICS 2026 : नई दिल्ली में संपन्न हुआ 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सिर्फ आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का गवाह बना। इस ऐतिहासिक समिट के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कार्यशैली की चर्चा हो रही है, और इस बार तारीफ करने वाला कोई और नहीं, बल्कि ईरान के जाने-माने पत्रकार बासिम लालेह हैं।

‘पाकिस्तान का रोल हुआ खत्म’

ईरानी पत्रकार बासिम लालेह ने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत ने ब्रिक्स मंच पर चीन से आतंकवाद और पहलगाम हमले की निंदा करवाई और आम सहमति बनाई, वह काबिले तारीफ है। लालेह के मुताबिक, भारत ने ईरान और यूएई के नेताओं को एक टेबल पर बैठाकर खाड़ी क्षेत्र के तनाव को कम करने में जो मध्यस्थता की है, उसने यह साफ संदेश दे दिया है कि कूटनीति के मोर्चे पर अब पाकिस्तान को रिप्लेस कर दिया गया है।

यूएई-ईरान के बीच जमी बर्फ़

हाल ही में अमेरिका के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान और खाड़ी देशों (विशेषकर यूएई) के रिश्तों में खटास आ गई थी और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में तनाव गहरा गया था। लेकिन ब्रिक्स समिट के दौरान पीएम मोदी की पहल ने रंग दिखाया। आबू धाबी के क्राउन प्रिंस और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात ने इस डेडलॉक को खत्म कर दिया। पत्रकार बासिम लालेह का मानना है कि भारत के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ मजबूत रिश्ते हैं, इसलिए मध्यस्थता के लिए भारत से बेहतर विकल्प इस समय कोई नहीं है।

‘अगले साल मिलना चाहिए नोबेल शांति पुरस्कार’

ईरानी पत्रकार ने तो यहाँ तक कह दिया कि पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीति का दायरा यहीं नहीं रुकना चाहिए। यदि वे ब्रिक्स के प्रभाव का इस्तेमाल करके रूस-यूक्रेन युद्ध और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के संघर्ष को पूरी तरह शांत करवा देते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले साल नोबेल पीस प्राइज से सम्मानित किया जाना चाहिए।

तेहरान लौटे ईरानी राष्ट्रपति, पीएम मोदी को दिया न्योता

इस शिखर सम्मेलन के केंद्र में रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अपनी पहली भारत यात्रा संपन्न कर रविवार को तेहरान के लिए रवाना हो गए। रवानगी से पहले ईरानी दूतावास के सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा गया, “अलविदा, मेरे प्रिय मित्र। मैं बहुत जल्द ईरान में आपसे मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहा हूँ।”

इससे पहले, समिट के इतर पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ की रणनीतियों के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात हुई, जहाँ कूटनीति और संवाद के जरिए वैश्विक शांति पर जोर दिया गया।

​कुल मिलाकर, इस ब्रिक्स सम्मेलन ने यह साबित कर दिया है कि वैश्विक शांति और कूटनीतिक संतुलन के मामले में भारत अब दुनिया का एक नया और मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है।

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