Women Asia Cup final : क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर पाकिस्तान की किरकिरी हुई है और इस बार भद पिटी है सीधे देश के गृह मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मुखिया मोहसिन नकवी की। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से रौंदकर भारतीय महिला टीम ने जहां 8वीं बार एशिया पर अपना परचम लहराया, वहीं नकवी की ऐसी फजीहत हुई कि उन्हें स्टेडियम छोड़कर दुम दबाकर भागना पड़ा।
जैसे ही मैच खत्म हुआ, स्टेडियम गूंज उठा—”चोर-चोर, ट्रॉफी चोर!”
भारतीय फैंस के इस आक्रामक तेवर और जोरदार हूटिंग ने एसीसी (ACC) अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे नकवी को बता दिया कि भारत विरोधी मानसिकता का अंजाम क्या होता है। पुरुष टीम के रास्ते पर चलते हुए हमारी शेरियों ने भी साफ कर दिया कि देश के दुश्मनों और आतंकवाद को पालने वाले देश के किसी नुमाइंदे के हाथ से ट्रॉफी लेना तो दूर, वे उनकी तरफ देखना भी पसंद नहीं करतीं।
पुरुषों के नक्शेकदम पर चलीं बेटियां, ठुकराया नकवी का हाथ
पुरस्कार वितरण समारोह में जब खेल भावना के नाम पर श्रीलंका को मेडल दिए जा रहे थे, तब भारतीय टीम ने सरेआम नकवी का बायकॉट कर दिया। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने दो टूक शब्दों में पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा, “अप्रैल 2025 की घटनाओं के बाद हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। सरकार की पॉलिसी के तहत हम मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलने तो उतरते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम देश के गद्दारों और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेताओं के हाथों में हाथ मिलाएंगे। जो देश हमारे खिलाफ काम कर रहा है, उसके किसी शीर्ष नेता से ट्रॉफी लेना नामुमकिन है।”
याद कीजिए डेढ़ साल पहले जब पुरुष टीम ने भी इसी नकवी को ठेंगा दिखाते हुए एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, और आज तक वह ट्रॉफी पाकिस्तान के पास धूल फांक रही है। अब महिलाओं ने भी वही तेवर दिखाते हुए साबित कर दिया कि देश का सम्मान सबसे पहले है। नतीजा यह हुआ कि बिना ट्रॉफी थमाए ही कार्यक्रम समेटना पड़ा और नकवी को मुंह छुपाकर मैदान से रफूचक्कर होना पड़ा।
मैदान पर दहाड़ीं भारतीय शेरियां, श्रीलंका का घमंड चकनाचूर
फाइनल मुकाबले की बात करें तो हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हर मोर्चे पर चारों खाने चित कर दिया। टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए भारत ने बोर्ड पर 184 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए रिकॉर्ड 129 रनों की तूफानी ओपनिंग साझेदारी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
जवाब में उतरी मौजूदा चैंपियन श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के आंधी में तिनके की तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 111 रनों पर ढेर हो गई। गेंदबाजी में श्री चरणी ने कहर बरपाते हुए 4 शिकार किए, जबकि दीवार बनकर खड़ी दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटके। क्रांति, शेफाली और प्रेमा ने भी एक-एक विकेट लेकर लंकाई पारी का सूपड़ा साफ कर दिया।
इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने रिकॉर्ड 8वीं बार विमेंस एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है और टी20 इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ अपनी सुपीमेसी (26 जीत) को और मजबूत कर दिया है। एक तरफ भारत ने मैदान पर तिरंगा शान से लहराया, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के आका मोहसिन नकवी स्टेडियम में बेइज्जती करवाकर इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए फजीहत का पर्याय बन गए।
