West Bengal By Election : हुमायूं कबीर का बड़ा फैसला: रेजीनगर उपचुनाव में बेटे के प्रचार से बनाई दूरी, बंगाल की सियासत गरमाई

Bindash Bol

West Bengal By Election : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। एक तरफ चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा था, तो दूसरी तरफ पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। इसी बीच, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और ममता बनर्जी के पूर्व करीबी हुमायूं कबीर ने एक हैरान करने वाला कदम उठाते हुए रेजीनगर उपचुनाव के मैदान से खुद को दूर करने का ऐलान कर दिया है।

क्यों पीछे हटे हुमायूं कबीर?

​दिलचस्प बात यह है कि रेजीनगर सीट से AJUP ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। कबीर ने खुद 2026 के विधानसभा चुनाव में यह सीट जीती थी, लेकिन सीट खाली होने के कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। ऐसे में पिता का अपने ही बेटे के चुनाव प्रचार से पीछे हटना सियासी गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

​हुमायूं कबीर ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की धड़ल्ले से हो रही गिरफ्तारी पर तीखा रोष जताया है। उनका आरोप है कि पुलिस चुन-चुनकर उनकी पार्टी से जुड़े लोगों को निशाना बना रही है। इसी के विरोध में उन्होंने जमीन पर उतरकर प्रचार न करने का फैसला लिया है। हालांकि, पार्टी पूरी तरह मैदान से बाहर नहीं हुई है—कबीर ने साफ किया है कि डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके बेटे के पक्ष में प्रचार जारी रहेगा। वहीं, बेटे गुलाम नबी आजाद ने भी पिता के इस फैसले का समर्थन किया है।

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के पीछे कहीं न कहीं यह डर भी काम कर रहा है कि बंगाल पुलिस का शिकंजा पुराने मामलों को लेकर खुद हुमायूं कबीर पर भी न कस जाए।

गिरफ्तारियों पर घमासान….
रेजीनगर से नंदीग्राम तक हलचल

* ​रेजीनगर में कार्रवाई: AJUP नेता नसीम शेख को मई महीने में शक्तिपुर की एक पार्टी बैठक में पुलिस के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, AJUP से जुड़े माने जा रहे निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम मंडल को भी एक पुराने चुनावी मामले में दबोच लिया गया है।

* ​नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार: नंदीग्राम सीट पर सियासी ड्रामा तब और बढ़ गया जब कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े पुराने लंबित वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध और प्रेरित करार दिया है। उनके साथ कांग्रेस नेता सुभाषिष भट्टाचार्य को भी हिरासत में लिया गया था।

अब आगे क्या?

​गिरफ्तारियों, कानूनी दांव-पेच और राजनीतिक दलों के बीच तीखे आरोपों के बीच अब सभी की निगाहें आगामी 6 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब दोनों सीटों पर मतदान होना है। इसके बाद 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती के साथ यह साफ हो जाएगा कि जनता ने इस सियासी उठापटक के बीच किसके सिर पर जीत का ताज सजाया है।

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