Diwali 2026: मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाते समय ये गलतियां कभी न करें… वरना लक्ष्मी लौट जाएंगी!

Maneesh Kumar Tiwari

लक्ष्मी के चरणचिह्न बनाते समय सबसे बड़ी गलतियां… जानें सही तरीका और नियम

Diwali 2026: दिवाली की सुबह घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाना सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि लक्ष्मी को घर में आमंत्रित करने का सबसे पवित्र तरीका माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा, गलत सामग्री या गलत क्रम में बनाए गए ये निशान उल्टा असर भी कर सकते हैं?
कई परिवार अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनसे मां लक्ष्मी का स्वागत अधूरा रह जाता है. इस दिवाली पगले बनाते समय इन जरूरी नियमों और आम गलतियों को जरूर जान लें… ताकि मां लक्ष्मी आपके घर में खुशी-खुशी कदम रखें और साल भर बरकत बनी रहे.

दिवाली के पावन अवसर पर घर के मुख्य द्वार को सजाने और संवारने का अलग ही महत्व होता है, और इस साल यह खास त्योहार 8 नवंबर को मनाया जाएगा. इस पवित्र रात पर मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए उनके छोटे-छोटे चरणों के निशान बनाने की परंपरा बहुत पुरानी है. लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर मुख्य द्वार पर ये पद चिह्न क्यों बनाए जाते हैं. इसके पीछे कई गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, जो घर में सुख-समृद्धि लेकर आती हैं. आइए जानते हैं कि इस प्राचीन विधान का पालन करने से जीवन में कौन से बड़े बदलाव आते हैं और इससे माता की कृपा कैसे प्राप्त होती है.

घर के मुख्य द्वार पर क्यों बनाए जाते हैं मां लक्ष्मी के चरण?

दिवाली के पवित्र अवसर पर हर घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाने का विधान बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसा माना जाता है कि जब धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी किसी के घर में प्रवेश करती हैं, तो उनके चरण घर के अंदर की तरफ होने चाहिए. दरवाजे पर इन निशानों को बनाने से यह संकेत मिलता है कि माता का आगमन सीधे आपके घर के भीतर हो रहा है. लोग इस परंपरा को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाते हैं ताकि उनके घर का मुख्य द्वार हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे. इस आसान उपाय से घर की हर एक नकारात्मकता दूर हो जाती है और माता का आशीर्वाद हमेशा के लिए परिवार के सदस्यों पर बना रहता है.

दरवाजे पर चरण चिह्न बनाने से घर में क्यों आती है बरकत?
मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाने के पीछे बरकत और संपन्नता का बहुत गहरा संबंध जुड़ा हुआ होता है. जब कोई व्यक्ति अपने घर के बाहर चावल के आटे या सिंदूर से माता के छोटे-छोटे चरण बनाता है, तो इससे माता अत्यंत प्रसन्न होती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन घरों में साफ-सफाई रखकर माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए ऐसे चरण बनाए जाते हैं, वहां कभी भी पैसों की तंगी नहीं होती है. यह इस बात का प्रतीक होता है कि आपने अपने घर के दरवाजे धन की देवी के स्वागत के लिए पूरी तरह खोल दिए हैं. इससे आपके जीवन की सभी आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और घर में हमेशा अन्न के भंडार भरे रहते हैं.

देवी लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है मुख्य द्वार का यह खास विधान
दिवाली की रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं और जिस घर का दरवाजा साफ-सुथरा और सजा हुआ मिलता है, वे वहीं पर अपना वास बनाती हैं. मुख्य द्वार पर बनाए जाने वाले ये चरण चिह्न इस बात का सबसे बड़ा सबूत होते हैं कि उस घर के लोग माता का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इन निशानों को हमेशा घर के अंदर की दिशा की तरफ आते हुए बनाया जाता है ताकि माता की कृपा बाहर न जाए बल्कि घर के अंदर ही हमेशा के लिए ठहर जाए. इस नियम को बहुत ही विधि-विधान और पवित्रता के साथ पूरा किया जाता है ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके. जो लोग इस परंपरा का पालन करते हैं उनके घर में हमेशा हंसता-खेलता परिवार रहता है.

चरण बनाते समय किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान?

मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाते समय कुछ जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.

  • इन निशानों को कभी भी घर के बाहर की तरफ जाते हुए नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इससे माता के जाने का संकेत माना जाता है.
  • हमेशा इन्हें अंदर की तरफ आते हुए ही चित्रित किया जाना चाहिए ताकि धन का आगमन आपके घर के भीतर हो सके.
  • इसके अलावा इन्हें बनाने के लिए हमेशा साफ सामग्री का ही उपयोग किया जाना चाहिए ताकि पवित्रता बनी रहे.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. बिंदास बोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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