Yogi Adityanath : ‘सनातन के बिना भारत की कल्पना नहीं…’: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी का बड़ा संदेश, प्राकृतिक खेती और गोवंश संरक्षण पर दिया जोर

Bindash Bol

Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन अवसर पर सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व पर एक प्रभावी संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन धर्म भारत का मूल आधार है और इसे समझे बिना देश की सांस्कृतिक पहचान को नहीं समझा जा सकता।

प्रमुख बिंदु एवं संबोधन के मुख्य अंश

* ​सनातन और भारत की पहचान: सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता ही भारत की मूल आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया अज्ञान और अंधकार में थी, तब भारत के पास एक सुसभ्य, सुसंस्कृत और समृद्ध परंपरा मौजूद थी।

* ​विपरीत परिस्थितियों में भी अटूट आस्था: मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि देश के कई हिस्सों में भीषण आपदा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही और गोरखनाथ मंदिर में कथा का क्रम बिना किसी रुकावट के अनवरत चलता रहा।

* ​गोवंश संरक्षण और हमारी परंपरा: सनातन संस्कृति में गौ माता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में भोजन का पहला ग्रास गाय और अंतिम ग्रास कुत्ते के लिए निकालने का नियम था। यदि इसका पालन आज भी हो, तो गोवंश सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर नहीं होगा।

* ​सरकार की कल्याणकारी योजनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7,700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक गोवंश का पालन किया जा रहा है। निराश्रित गोवंश रखने वाले किसानों को 1,500 रुपये प्रति माह (चार गोवंश पर 6,000 रुपये प्रति माह) दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कुपोषित बच्चों वाले परिवारों को गाय और उसके पालन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है।

* ​प्राकृतिक खेती और स्वास्थ्य सुरक्षा: रासायनिक खादों और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए सीएम योगी ने प्राकृतिक और गौ-आधारित खेती को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा और गरीबों के उपचार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, और मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में 1,400 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

* ​समाज की सहभागिता: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के लिए कड़े कानून बना रही है, लेकिन दूध दुहने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ देने वालों को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझनी होगी।

​कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यासपीठ से कथा सुना रहे मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य का आभार व्यक्त किया और विधि-विधान से पूजन एवं आरती में हिस्सा लिया।

सीएम योगी का यह संबोधन केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, गोवंश संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक खेती की ओर समाज को जागरूक करने का एक बड़ा आह्वान था।

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