* फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित को दुनिया का सलाम, ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक ने कही ये बात
Flydubai : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जो हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था। 35,000 फीट की ऊंचाई पर एक कॉकपिट उस वक्त खूनी जंग का मैदान बन गया, जब एक सनकी पायलट ने अपने ही साथी पर जानलेवा चाकू से हमला कर दिया। मकसद साफ था—विमान को हवा में ही क्रैश करना!
लेकिन कहते हैं ना कि जब इरादे फौलादी हों, तो मौत भी रास्ता बदल लेती है। इस खौफनाक साजिश को नाकाम किया भारत के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार ने।
जब कॉकपिट में चली तलवारें
बुधवार का यह सफर खून से रंगने ही वाला था। हमलावर पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद स्मित ने एक इंच भी जमीन नहीं छोड़ी। दर्द और आंसुओं को दरकिनार कर उन्होंने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, उसने 174 बेकसूर जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लिया।
* खून से सनी बहादुरी: गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने हमलावर को कड़ी टक्कर दी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू व यात्रियों को अंदर आने का मौका दिया।
* सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग: सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
* दुश्मन का खात्मा: यात्रियों और क्रू ने मिलकर उस वहशी पायलट को दबोच लिया।
सुपरपावर्स ने भी ठोका सलाम!
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली दिलेरी के बाद कैप्टन स्मित मच्छार अब ग्लोबल हीरो बन चुके हैं। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों के नेताओं ने उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े हैं…
* बेंजामिन नेतन्याहू (इजराइल के प्रधानमंत्री): “भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को मेरा सलाम। उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 लोगों की जान बचाई। वह सच्चे हीरो हैं!”
* डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति): “मैंने इस सनसनीखेज घटना को लेकर नेतन्याहू से बात की है। भारतीय पायलट का साहस वाकई अतुलनीय है।”
मंजिल तक पहुंचे मुसाफिर
इस विमान में ज्यादातर इजराइली नागरिक सवार थे। हमले के बाद भले ही वे दहशत में थे, लेकिन भारतीय पायलट के हौसले ने उन्हें सुरक्षित जमीन पर उतार दिया। घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। इसके बाद एक स्पेशल फ्लाइट से सभी यात्रियों को तेल अवीव पहुंचाया गया।
कैप्टन स्मित मच्छार ने साबित कर दिया कि भारतीय जांबाज हर मुश्किल परिस्थिति में चट्टान की तरह खड़े रहना जानते हैं।
