Asian Games: भारत ने एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी में एक और गोल्ड मेडल जीत लिया है और इस बार ये गोल्ड मेडल सही मायनों में बेहद ऐतिहासिक है। भारत की महिला टीम ने आर्चरी रिकर्व इवेंट के फाइनल में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। ये पहली बार है जब भारतीय महिला टीम इस इवेंट के फाइनल में पहुंची थी और उसने इसके साथ ही गोल्ड भी जीत लिया। कुमकुम मोहोद, कीर्ति और अंकिता भकाट की तिकड़ी ने इस इवेंट में हमेशा गोल्ड मेडल जीतने वाली साउथ कोरिया को चौंकाते हुए ये इतिहास रचा।
मुख्य बातें ….
* ऐतिहासिक स्वर्ण पदक: भारत की महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स 2026 में साउथ कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
* विजेता तिकड़ी: कुमकुम मोहोद, कीर्ति और अंकिता भकाट की शानदार चौकड़ी/तिकड़ी ने इस करिश्मे को अंजाम दिया।
* 32 साल का तिलिस्म टूटा: साउथ कोरियाई महिला टीम को एशियन गेम्स के इस इवेंट में 1994 के बाद पहली बार हार का सामना करना पड़ा है।
* नया मुकाम: एशियन गेम्स के इतिहास में तीरंदाजी के रिकर्व वर्ग में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है।
सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक का सफर
* शानदार शुरुआत: 13वें दिन की शुरुआत सेमीफाइनल मुकाबले से हुई, जहाँ भारतीय टीम ने चीन को 5-1 के एकतरफा अंतर से हराकर फाइनल में ऐतिहासिक प्रवेश किया।
* साउथ कोरिया को मात: फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पिछले 7 एशियन गेम्स से लगातार गोल्ड जीतती आ रही साउथ कोरियाई टीम को भारत ने शुरुआती सेट से ही कड़ी टक्कर दी।
* रोमांचक फिनिश: तीसरे सेट में भारत ने 55-51 से बढ़त बनाई और आखिरी सेट को 54-54 से बराबरी पर रखते हुए 5-3 से मुकाबले को अपने नाम कर लिया।
भविष्य की उम्मीदें
ओलंपिक स्तर पर भी दबदबा रखने वाली साउथ कोरियाई टीम को इस तरह शिकस्त देना यह साबित करता है कि भारतीय तीरंदाजी अब विश्व मंच पर एक नई ताकत बनकर उभर रही है। इस ऐतिहासिक जीत ने ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए भारतीय दल की उम्मीदों और हौसलों को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
अंकिता भकाट, जो 2022 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं, उनके लिए यह स्वर्ण पदक उनके करियर का एक स्वर्णिम अध्याय बन गया है।
