Captain Smit Machhar : जब कॉकपिट के अंदर मौत सामने खड़ी थी, तब एक भारतीय पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी अदम्य बहादुरी से एक बड़े विमान हादसे को टाल दिया। फ्लाईदुबई के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार की इस दिलेरी ने न सिर्फ आसमान में देश का परचम लहराया है, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
क्राउन प्रिंस का मानवीय अंदाज: “आप देश की शान हैं”
दुबई के क्राउन प्रिंस और उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम अस्पताल पहुंचे और घायल कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की।
* गले लगाया और माथा चूमा: प्रिंस हमदान ने अस्पताल के बिस्तर पर लेटे कैप्टन स्मित का हालचाल जाना, उनका माथा चूमा और उनकी बहादुरी को सलाम किया।
* तारीफ में कहे बड़े शब्द: प्रिंस ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “स्मित ने हिम्मत और जिम्मेदारी की बेहतरीन मिसाल पेश की है। हमें गर्व है कि वह हमारी टीम और देश का हिस्सा हैं।”
पीएम मोदी ने की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कैप्टन स्मित से फोन पर बात कर उनके साहस की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपनी जिंदगी की नहीं बल्कि यात्रियों की जिंदगी की परवाह की और 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। भारतीय दूतावास भी लगातार कैप्टन के स्वास्थ्य और उनके परिवार के संपर्क में बना हुआ है।
साजिश बेनकाब: अलकायदा से जुड़ा था को-पायलट
इस सनसनीखेज घटना के पीछे एक खतरनाक आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है…..
* हमलावर की पहचान: कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान ओमान के रहने वाले हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है।
* खौफनाक मंसूबा: जांच में सामने आया है कि वह अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित था और विमान को इजराइल में क्रैश कराना चाहता था। साल 2024 में कट्टरपंथी सोच के कारण उसे पायलट ट्रेनिंग से भी निकाला गया था।
वो 1 मिनट: जब मौत को दी मात
* 28 सितंबर की घटना: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) में उड़ान के ढाई घंटे बाद को-पायलट अल-हमामी ने कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया।
* गोता खाता विमान: हमले के बाद विमान सिर्फ एक मिनट में 33 हजार फीट से गिरकर 17 हजार फीट पर आ गया था।
* जांबाजी की मिसाल: बुरी तरह जख्मी होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने सूझबूझ दिखाई, हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और अंततः अन्य क्रू मेंबर व यात्रियों की मदद से विमान को सुरक्षित संभाल लिया गया।
* सफलता की गूंज: कैप्टन स्मित मच्छार की इस वीरता ने साबित कर दिया कि भारतीय जांबाज हर मुश्किल परिस्थिति में देश का गौरव बढ़ाना अच्छी तरह जानते हैं।
