* पहले को-पायलट ने पढ़ी नमाज, फिर कैप्टन पर किया हमला…
* स्मित ने नेतन्याहू को सुनाई आपबीती, PM मोदी संग इजरायल आने का मिला खास न्योता
Captain Smit Machchhar : आसमान की बुलन्दियों पर उड़ते विमान में जब मौत सामने खड़ी हो, तब एक सेकेंड का फैसला भी सब कुछ बदल सकता है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) के कैप्टन स्मित मच्छार ने कुछ ऐसा ही अदम्य साहस दिखाया। मौत को करीब से देखने के बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए 174 यात्रियों की जिंदगी बचा ली। उनकी इस बहादुरी के चर्चे आज पूरी दुनिया में हैं, और खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें फोन कर ‘असली हीरो’ बताया है।
कैसे हुआ कॉकपिट में खौफनाक वाकया?
दुबई के अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन स्मित ने इजरायली पीएम नेतन्याहू को फोन पर उस खौफनाक रात की पूरी कहानी सुनाई….
* नमाज का बहाना: उड़ान के दौरान सब कुछ सामान्य था। तभी को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही और कॉकपिट के पिछले हिस्से में चला गया।
* अचानक हमला: कैप्टन स्मित ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पीछे नहीं देखा और अपना पूरा ध्यान विमान उड़ाने पर रखा। लेकिन कुछ ही देर बाद उन पर पीछे से जानलेवा हमला हो गया।
* गफलत और सच: शुरुआत में स्मित को लगा कि शायद विमान में कोई तकनीकी खराबी आई है, लेकिन जब लगातार वार होने लगे तब उन्हें अहसास हुआ कि जानलेवा हमला उन पर खुद किया जा रहा है।
जब दरवाज़ा बना सबसे बड़ी चुनौती
हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा था।
* हमलावर को-पायलट ने बाहर से कोड के जरिए खोले जाने वाले कॉकपिट के दरवाजे को ब्लॉक कर दिया था।
* बाहर खड़े क्रू मेंबर कोड डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे, पर अंदर से रास्ता बंद था।
* ऐसे में अंदर मौजूद ‘ट्विस्ट नॉब’ ही एकमात्र उम्मीद थी। लहूलुहान होकर फर्श पर गिर चुके स्मित ने अपनी आखिरी ताकत जुटाई, हाथ बढ़ाया और किसी तरह नॉब घुमाकर दरवाजा खोल दिया।
* दरवाजा खुलते ही बाकी क्रू अंदर आ गए और स्थिति पर काबू पा लिया गया।
नेतन्याहू ने की तारीफ, पीएम मोदी के साथ मिला खास न्योता
कैप्टन स्मित की सूझबूझ और असाधारण जांबाजी से सैकड़ों लोगों की जान बची। इस घटना के बाद…
* भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही फोन पर उनका हालचाल जाना था।
* अब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर उनकी सराहना करते हुए उन्हें भारत और दुनिया का सच्चा हीरो करार दिया है।
* नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले प्रतिष्ठित ‘टॉर्च लाइटिंग’ (मशाल प्रज्जवलन) समारोह में विशेष रूप से शामिल होने का न्योता दिया है।
राहत की बात यह है कि यूएई में भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन स्मित अब खतरे से बाहर हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि कर्तव्य और इंसानियत सबसे ऊपर होती है।
