Donald Trump : भारत की ऊर्जा कूटनीति के आगे झुका अमेरिका: रूस से तेल आयात पर ट्रंप ने वापस लिए टैरिफ के तेवर!

Bindash Bol

Donald Trump :  वाशिंगटन की धमकियों और दबाव की राजनीति को पूरी तरह खारिज करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार भारत के आगे झुकना पड़ा है. रूस से कच्चे तेल की खरीद पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की तमाम गीदड़भभकियों के बीच अब अमेरिका ने यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया है कि भारतीय ऊर्जा जरूरतों पर कोई अतिरिक्त कर नहीं थोपा जाएगा. यह फैसला साफ तौर पर वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते आर्थिक दबदबे और उसकी आत्मनिर्भर कूटनीति की एक और ऐतिहासिक जीत को बयां करता है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत पांच देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर टैरिफ से छूट देने का ऐलान किया है.

ट्रंप ने क्यों दिया यह आदेश?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार शाम जारी कार्यकारी आदेश में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ के तहत लगाए जाने वाले प्रतिबंधों और शुल्कों से भारत समेत पांच देशों को छूट देने का ऐलान किया. ट्रंप ने अपने फैसले के पीछे राष्ट्रीय हित का हवाला दिया है. आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस छूट के बाद संबंधित देशों को रूस से ऊर्जा खरीदने पर इन प्रावधानों के तहत अतिरिक्त टैरिफ का सामना नहीं करना होगा. इसे ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.

रूस से तेल खरीदने पर 5 देशों को राहत

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे. इस विधेयक का उद्देश्य रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बनाना था. इसमें भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का नाम शामिल था. इससे पहले अगस्त में अमेरिकी सीनेट ने इस बिल को 86 के मुकाबले 11 वोटों से मंजूरी दी थी. हालांकि, अब ट्रंप ने भारत समेत पांच देशों को राहत देने का ऐलान किया है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने पर उन्हें संबंधित प्रावधानों के तहत टैरिफ नहीं देना होगा.

क्या है ‘ग्राहम एक्ट’?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ग्राहम एक्ट’ की धारा 115 के तहत प्रतिबंधों और टैरिफ से छूट देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है. इस प्रावधान के अनुसार, राष्ट्रपति किसी विदेशी व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाने या शुल्क लागू करने से छूट दे सकते हैं, बशर्ते वे अमेरिकी कांग्रेस को इसके पीछे राष्ट्रीय हित से जुड़ा लिखित प्रमाण दें. ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में कहा कि उन्होंने कांग्रेस को जरूरी प्रमाण पत्र सौंप दिया है. इसमें मौजूदा परिस्थितियों में इस छूट को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया गया है.

बताते चलें कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को मिली यह राहत ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों के लिहाज से अहम मानी जा रही है. अब देखना होगा कि अमेरिका का यह फैसला भारत-अमेरिका संबंधों और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर क्या असर डालता है.

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