Prashant Bhushan : कोई बजरंगी पूछे कि बुड्ढे प्रशांत को क्या चाहिए

Bindash Bol
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उमानाथ लाल दास,धनबाद

Prashant Bhushan : अलगाववादी नेता यासीन मलिक, सैयद अली शाह गिलानी, संसद हमला कांड का आरोपी एसएआर गिलानी के पुराने हिमायती रहे अरुंधती रॉय और माओवाद समर्थक तेलुगु कवि वरवर राव के सुर में सुर मिलाने के कारण 2011 में थुराए प्रशांत भूषण का खून एक बार फिर उबाल मारने लगा है! इस बार जंतर-मंतर पर जुटे देश में जहर घोलने पर आमादा तिलचट्टों का जवाब देने जुटे राष्ट्रभक्तों को इस बुड्ढे ने गुंडा कहकर शामत मोल ली है। मुंबई हमला के आरोपी याकूब मेमन, संसद हमला के आरोपी शौकत हुसैन जैसों की पैरवी करने वाले कानून मंत्री रहे शांति भूषण का बेटा होने के नाते इस बुड्ढे को विदेशी ताकतों की कुछ ज्यादा ही गर्मी है। अराजक केजरीवाल ने अनुशासनहीनता के आरोप में जिसे आप से निकाल दिया, उस बुड्ढे को इस गर्मी पर इसे इतना इतना भरोसा है कि अब रिजीम चेंज के लिए देश को खून-खराबा के लिए तैयार रहने की हिदायत दे रहा है,,, दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संघ और दुनिया का सबसे बड़ा श्रमिक संघ आखिर कर क्या रहा,,, यूपी चुनाव का इतना डर कि एससी-एसटी को प्रज्वलित होने देने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाला,,, इस हद तक कि यूजीसी मामले में सवर्ण विद्रोह का कोई असर नहीं,,, राजनीतिक उपभोक्तावाद का हाल यह कि लंपट नेहा की गालियां खाके सभी मौन धारण किये हुए है,,, रिजीम चेंज तो होग, वह तिलचट्टे नहीं, उनके मादर-फादर नहीं, वह जनता करेगी जो तुम्हारे अब्बू पप्पू को खारिज करती रही है,,,

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