उमानाथ लाल दास,धनबाद
Indian Media : अभय दुबे खुल कर वह सब कर रहे हैं जो मोदी मीडिया कर रहा है! मोदी मीडिया तो अभी कर रहा, पर कांग्रेस की गोद में बैठे पत्रकार सालों से यह करते आ रहे हैं। जब प्रेस ब्रीफिंग में प्रशांत भूषण ने रिजीम चेंज के लिए ब्लड शेड तक की बात की है और तिलचट्टों को इसके लिए उकसाया जा रहा है तब वह यानी अभय दुबे नंगई करने पर उतारू भीड़ को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलनकारियों जैसा बता रहे हैं। बेशर्मी को लांघ कर वह प्रशांत भूषण की ब्लड शेड वाले “रिजीम चेंज” टर्म को दिनकर की पंक्ति “सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है” के बराबर ठहरा रहे हैं!! वह अराजक हुई और उत्पात पर उतरी भीड़ की मंशा को गांधी की अहिंसा के बराबर ठहराने से बाज नहीं आ रहे। दरअसल वे कांग्रेस रिजीम में पत्रकारों की एक सुविधाभोगी जमात थी। उनके पास हर तरह की वो सुविधाएं उपलब्ध थीं जो अच्छे भले नौकरी पेशा के लिए दुर्लभ होती है। सत्ता की ज्ञानपीठ से लेकर सारे बौद्धिक प्रतिष्ठानों पर इनका कब्जा था ,,, था, अब नहीं रहा 2014 के बाद से..। आखिर कितने दिन ऐसे रहेंगे। एनजीओ पर भी सख्त निगाह है और एफसीआरए पर कैंची ही चल गई। इस तिलमिलाहट में पगलाया अमरीका प्रोटोकॉल तक भूल गया है,, उसका विदेश मंत्री और राजदूत अब इन्हें तसल्ली कैसे दे। वही पीड़ा अब दहाड़ें मार रही है, चीख-चीख कर सुना रही है किस्सा।