* जब सॉफ्टवेयर ने बना दिया ‘राम’ को पिटा हुआ और ‘इकबाल’ को भिखारी! चुनाव आयोग की इस गलती पर पेट पकड़कर हँसेंगे आप
* इंगलिश टू हिंदी ट्रांसलेशन का खौफनाक खेल: वोटर लिस्ट में सॉफ्टवेयर ने लोगों के बापों के नाम ही बदल डाले!
* सॉफ्टवेयर महाराज का कमाल: ‘रामहित शर्मा’ बने पिटने वाले और ‘फूलचंद’ बन गए महामूर्ख!
सर्वेश कुमार श्रीमुख
Election Commission : चुनाव आयोग की बड़ी ही रसदार गलती सामने आई है मित्रों। गलती ऐसी कि उससे जिसका नुकसान हुआ हो वह गंदी गंदी गाली दे, और जिससे गलती हुई हो वह पेट पकड़ कर हँसता रहे।
तो हुआ कुछ यूँ कि उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के लिए वोटर लिस्ट बनी, जिसके लिए मतदाताओं से ऑनलाइन आवेदन लिए गए। अब जब पहली बार वोटर लिस्ट प्रकाशित हुई है तो उसमें कुछ लोगों के नाम में अजीब तरह की गड़बड़ी हुई है। जैसे किसी के पिता का नाम छपा है, “राम ने शर्मा को मारा “, तो किसी के पिता का नाम “मोहम्मद इकबाल भीख मांगता है” छपा है। अब ऐसे वोटर लिस्ट पर बवाल तो होना ही था, सो हुआ भी…
अब हल्ला हुआ तो कर्मियों की नींद खुली। जाँच हुई तो पता चला कि सारी गड़बड़ सॉफ्टवेयर की है। जैसे किसी वोटर के पिता का नाम है रामहित शर्मा। कर्मी ने अंग्रेजी में टाइप किया Ramhit sharma. सॉफ्टवेयर ने खुद से Ram और hit के बीच स्पेस दे दिया, जिससे हो गया Ram hit sharma. अब सॉफ्टवेयर ने इसका हिन्दी ट्रांसलेशन किया, राम ने शर्मा को मारा। अब ठीक से सोचिये तो सॉफ्टवेयर ने बहुत गलत तो नहीं ही किया। हाँ बुजुर्ग शर्मा जी फोकट में पिट गए, यह बुरा हुआ।

पर भाई साहब। सबसे बड़ी गड़बड़ हुआ अफजल अहमद जी के साथ। उनके अब्बा का नाम ठहरा इकबाल बेग। कर्मी ने टाइप किया Ikbal beg. अब इस beg को सॉफ्टवेयर महाराज भीख मांगने वाला beg समझ गए। बचपन में सॉफ्टवेयर भयवा बार बार बेगर मीन्स भीखमंगा याद किया होगा। तो उसने इकबाल बेग का ट्रांसलेशन किया “इक़बाल भीख मांगता है।”
अब आप उस युवक के बारे में सोचिये जिसके पिता का नाम हैं फूलचंद, पर सॉफ्टवेयर ने उसकी जगह मुर्ख चंद कर दिया है। अब fool का अर्थ तो मुर्ख होता ही है। पर वह आदमी तो एक साथ तीन भाषाओं में गाली दे रहा होगा न?
हालांकि यह गड़बड़ी कुल चौदह लाख इक्यासी हजार तीन सौ दस मतदाताओं में कुल 158 मतदाताओं के साथ ही हुई है। पर विपक्ष के लिए विरोध का अच्छा अवसर मिल गया है। विपक्ष के लोग इसे मुद्दा बनाएं न बनाएं पर नेहा सिंह राठौर टाइप के छाती कूटन गैंग के लोग तो बिलखने भी लगे हैं।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि ऐसी त्रुटि के कारण मतदाताओं को परेशान न किया जाय। पर कुल मिला कर मामला तो मजेदार है ही… इसी बहाने नेहा बोरा किसी और का इस्तीफा भी मांग सकती हैं। लगे हाथ इधर उधर दौड़ कर कुछ रील तो बना ही लेंगी।
(तस्वीर यहीं नेट से मिली है मित्रों…)