Forbes: मुकेश अंबानी एक बार फिर बने एशिया के सबसे अमीर आदमी

Bindash Bol

* चीन के झांग यिमिंग को पछाड़ आगे निकले मुकेश अंबानी

Forbes: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, बाइटडांस के सह-संस्थापक झांग यिमिंग को पीछे छोड़कर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. मंगलवार को फोर्ब्स की ‘रियल-टाइम बिलियनेयर्स’ सूची के अनुसार, मुकेश अंबानी अंबानी की नेट वर्थ 10.5 प्रतिशत बढ़कर 88.8 अरब डॉलर हो गई है. ग्लोबल लेवल पर अंबानी 22वें स्थान पर पहुंच गए हैं. उन्होंने चीन के झांग यिमिंग और गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है. जिसके बाद वो मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर कारोबारी बन गए हैं.

चीनी अरबपति झांग यिमिंग की कुल नेटवर्थ 84 अरब डॉलर हो गई है और वो 25वें स्थान पर खिसक गए हैं. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 80.1 अरब डॉलर की नेट वर्थ के साथ 26वें स्थान पर हैं. सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग 12 प्रतिशत की तेजी आने से अंबानी की संपत्ति में इजाफा हुआ, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू में 19 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी हुई.

तिमाही नतीजों के बाद आई शेयर बाजार में तेजी
यह बढ़त कंपनी द्वारा जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए अब तक का सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करने के बाद आई है. कंपनी ने इस तिमाही में रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट हासिल किया है. इसमें कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार, डिजिटल सेवाओं और रिटेल ऑपरेशंस में हुई जोरदार वृद्धि का बड़ा योगदान रहा. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि EBITDA 24 प्रतिशत बढ़कर 62,409 करोड़ रुपए रहा. नेट प्रॉफिट 34 प्रतिशत उछलकर 29,550 करोड़ रुपए हो गया, जो कि एक तिमाही के लिए रिकॉर्ड है.

O2C कारोबार ने अब तक का सबसे बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन किया है. इसमें रेवेन्यू सालाना आधार पर 44.2 प्रतिशत बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपए हो गया, और EBITDA 67.9 प्रतिशत उछलकर 25,203 करोड़ रुपए पर पहुंच गया. रिफाइनिंग मार्जिन का पैमाना माने जाने वाले ‘ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स’ (transportation fuel cracks) एक साल पहले की तुलना में 3 से 3.7 गुना तक बढ़ गए और इस तिमाही के दौरान ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए.

जियो प्लेटफॉर्म्स का रिकॉर्ड आईपीओ

कमाई के आंकड़ों की घोषणा के बाद, अवेंडस स्पार्क (Avendus Spark) के एक विश्लेषक ने इस स्टॉक की रेटिंग को ‘रिड्यूस’ (Reduce) से बढ़ाकर ‘ऐड’ (Add) कर दिया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मतलब यह है कि 2017 के बाद पहली बार रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए कोई ‘होल्ड’ या ‘सेल’ की सलाह नहीं दी गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में यह तेजी तब आई, जब अंबानी के नियंत्रण वाली सहायक कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ ने 28 अक्टूबर को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी शुरुआत के साथ ही 27 फीसदी की उछाल दर्ज की.

मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी द्वारा 1957 में स्थापित इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन भारत में सबसे अधिक है, जो 17.54 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. इसकी डिजिटल सेवाओं और टेलीकॉम यूनिट, ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’, भारत की सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी है, जिसके जून तक 533 मिलियन से अधिक ग्राहक थे.

जियो प्लेटफॉर्म्स का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO था, जिसने लगभग 106 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 3.2 अरब डॉलर जुटाए. रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस कंपनी में लगभग 66% हिस्सेदारी है, जो 28 अक्टूबर को लिस्ट हुई थी. फोर्ब्स की ‘ग्लोबल 2000’ सूची (दुनिया की सबसे बड़ी पब्लिक कंपनियों की लिस्ट) में रिलायंस इंडस्ट्रीज को ग्लोबल लेवल पर 55वां स्थान मिला. कंपनी ने 119.7 अरब डॉलर की बिक्री, 229.6 अरब डॉलर की संपत्ति और 9.1 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया.

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