SIR : SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर मचे हंगामे के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को चुनौती दी कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है. इसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत के बाद, एक फैसला लिया गया है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पिछले सत्र के दौरान, जब विपक्ष ने ‘SIR’ पर चर्चा की मांग की थी, तो सरकार ने यह तर्क दिया था कि चूंकि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, इसलिए संसद में इस मामले पर चर्चा नहीं की जा सकती. अब जब अमित शाह इस चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव दे रहे हैं, तो हम इसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल इस शर्त पर कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और गलत तरीके से की गई ‘SIR’ प्रक्रिया को रद्द किया जाए.
इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, “संसद का मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुए 82 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका सत्रावसान नहीं हुआ है. ऐसा इसलिए है क्योंकि गृह मंत्री अभी भी लोकसभा में परिसीमन विधेयक (delimitation bill) पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रहे हैं, जहां सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत है. इस विधेयक का विवरण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसका मकसद साफ है: 2029 में बीजेपी को करारी हार से बचाना.”
“सर्वदलीय बैठक बुलाने की हिम्मत क्यों नहीं जुटाते?”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार को परिसीमन से जुड़े अपने नए प्रस्तावों के बारे में विपक्ष को पहले ही बता देना चाहिए. जयराम रमेश ने सवाल किया – इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए ‘सर्वदलीय बैठक’ बुलाने की हिम्मत वे क्यों नहीं जुटा पाते?”
सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
जयराम रमेश ने टिप्पणी की, “जो व्यक्ति खुद को ‘चाणक्य’ मानता है, वह ‘वोट की चोरी’ पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने का दावा कर रहा है. जबकि पिछले साल, जब पूरे विपक्ष ने ‘SIR’ प्रक्रिया पर बहस की मांग की थी, तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया था कि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है.”
अमित शाह ने क्या कहा?
दरअसल, 2 नवंबर को हैदराबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था. विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “आप किसी ‘फर्जी’ संसद में प्रधानमंत्री बन सकते हैं, क्योंकि असली संसद में तो आप कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे.”
संसद के अंदर SIR पर चर्चा करे विपक्ष
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी भले ही संविधान की प्रति अपने साथ रखते हों, लेकिन वे इसके सिद्धांतों का पालन नहीं करते हैं. वे संसद को काम नहीं करने देते. मैं एक चुनौती देता हूं: हम एक विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं. आगे आइए- चलिए चर्चा करते हैं, लेकिन वे चर्चा नहीं करेंगे, वे अच्छी तरह जानते हैं कि क्या होगा. वे केवल हंगामा करके ही सुर्खियों में बने रह सकते हैं. अगर वे संसद का सामना करें, तो प्रधानमंत्री मोदी उनके तर्कों को पूरी तरह ध्वस्त कर देंगे. इस दौरान उन्होंने विपक्ष से ‘SIR’ पर संसद के अंदर चर्चा करने को कहा था. उन्होंने इसे लेकर राहुल गांधी को चुनौती दी थी.