PM Modi Diwali : ‘कई दलों में दिमागी नक्सलियों की घुसपैठ’, बस्तर में जवानों संग दिवाली मनाने पहुंचे PM मोदी, टुकड़े-टुकड़े गैंग को घेरा

Bindash Bol

PM Modi Diwali : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दीपावली का पावन पर्व छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के वीर जवानों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा में जुटे सभी जवानों को अपना परिवार बताते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और समर्पण भाव को सादर नमन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश को नक्सलमुक्त बनाने की इस ऐतिहासिक उपलब्धि और बस्तर में आए सकारात्मक बदलावों का विस्तार से जिक्र किया।

“राष्ट्र रक्षा में जुटे हर जवान का देश ऋणी”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर के जंगलों में जवानों के साथ त्योहार मनाने का यह अनुभव बेहद खास रहा। उन्होंने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आईआरबी और राज्य पुलिस के सभी जवानों के अमूल्य योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रत्येक वीर जवान के प्रति पूरा राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।

नक्सलवाद पर ऐतिहासिक विजय

प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली इस मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी इस लंबी लड़ाई में आखिरकार पूर्ण विजय प्राप्त कर ली है। एक समय था जब देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले वामपंथी उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित थे। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा समेत कई इलाकों में होने वाली हिंसक घटनाओं में अनगिनत निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जानें गंवाई थीं।

पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ ठोस कदम उठाए गए। इसका परिणाम यह रहा कि सुरक्षा बलों के शौर्य और सही रणनीतिक नीतियों के चलते पिछले एक साल में 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। अब देश का हर कोना नक्सलवाद के भय से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।

“दिमागी नक्सलियों” को लेकर सचेत रहने की जरूरत

हथियारबंद नक्सलियों के खात्मे के बाद एक नई चुनौती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि अब ‘दिमागी नक्सलियों’ ने कई राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों में घुसपैठ कर ली है। ये लोग आज भी समाज को देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें बेनकाब करना और देश को सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

विकास और विश्वास की नई बयार

​नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को गति देने का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि…

* ​बस्तर और अन्य उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 1,500 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है।

* ​संचार व्यवस्था को सुधारने के लिए 9,500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए हैं।

* ​आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए लगभग 200 एकलव्य विद्यालय और युवाओं के कौशल विकास के लिए 50 से अधिक आईटीआई खोले गए हैं।

* ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के माध्यम से दूरदराज के आदिवासी गांवों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।

​प्रधानमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास की नीतियों ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। अंत में उन्होंने कहा कि सबका साथ और सबका विकास के इस मंत्र ने न सिर्फ देश को नक्सलवाद और अलगाववाद से मुक्त किया है, बल्कि विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ से अधिक लोगों को भीषण गरीबी से बाहर निकालने में भी मदद की है।

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